Edited By Tanuja,Updated: 01 Apr, 2026 05:44 PM

भारत-चीन के 76 साल के कूटनीतिक संबंधों पर चीन ने बड़ा संदेश दिया है। बीजिंग के राजदूत ने दोनों देशों को “अलग न होने वाले पड़ोसी” बताया और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। वैश्विक तनाव, खासकर ईरान युद्ध के बीच यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
International Desk: भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों के 76 साल पूरे होने पर बड़ा बयान सामने आया है। भारत में चीन के राजदूत Xu Feihong ने कहा कि दोनों देश ऐसे पड़ोसी हैं जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत और चीन को “अच्छे पड़ोसी, अच्छे दोस्त और सहयोगी” के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उनका कहना है कि दोनों देशों का साथ मिलकर काम करना न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे “ग्लोबल साउथ” के लिए फायदेमंद होगा।
क्या है चीन का असली संदेश?
राजदूत ने संकेत दिया कि चीन भारत के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाना चाहता है। व्यपार और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करना चाहता है। लोगों के बीच संपर्क (people-to-people ties) बढ़ाना चाहता है। उन्होंने “ड्रैगन-एलीफेंट टेंगो” का जिक्र किया यानी अगर भारत (हाथी) और चीन (ड्रैगन) साथ चलें, तो वैश्विक स्तर पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
BRICS और वैश्विक राजनीति का एंगल
चीन ने खासतौर पर BRICS मंच का जिक्र किया, जहां भारत और चीन दोनों अहम भूमिका निभाते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान-इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। चीन का यह बयान सिर्फ दोस्ती का संदेश नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत है। दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत-चीन रिश्ते आने वाले समय में वैश्विक संतुलन तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।