World Weakest Currency: डॉलर के सामने भारतीय रुपये से भी ज्यादा कमजोर हैं इन देशों की Currency, जानिए सबसे नीचे कौन?

Edited By Updated: 20 Feb, 2026 05:17 PM

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भारतीय रुपये की कीमत आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर ₹90.96 (फरवरी 2026) के स्तर पर पहुंच गई है। आम आदमी के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है, लेकिन ग्लोबल प्लेटफार्म पर देखें तो भारतीय मुद्रा की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में अब भी काफी मजबूत है।...

World Weakest Currency: भारतीय रुपये की कीमत आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर ₹90.96 (फरवरी 2026) के स्तर पर पहुंच गई है। आम आदमी के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है, लेकिन ग्लोबल प्लेटफार्म पर देखें तो भारतीय मुद्रा की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में अब भी काफी मजबूत है। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां एक डॉलर की कीमत हजारों में है। आइए जानते हैं कि दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी और उनके मुकाबले रुपये की स्थिति क्या है?

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दुनिया की सबसे कमजोर मुद्राएं

वैश्विक अर्थव्यवस्था में कुछ देशों की मुद्राएं राजनीतिक अस्थिरता और बैंकिंग संकट के कारण अपनी वैल्यू लगभग खो चुकी हैं।

  • लेबनानी पाउंड (LBP): वर्तमान में यह दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी है। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 89,500 लेबनानी पाउंड के बराबर है। लंबे समय से चल रहे बैंकिंग संकट ने यहाँ की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है।

  • ईरानी रियाल (IRR): सूची में दूसरे नंबर पर ईरान है। आधिकारिक दर पर एक डॉलर की कीमत लगभग 42,100 रियाल है, लेकिन खुले बाजार में यह आंकड़ा 12,83,000 रियाल तक जा पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और महंगाई ने इसकी कमर तोड़ दी है।

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भारतीय रुपये के मुकाबले एशियाई मुद्राओं का हाल

खास बात यह है कि एशिया की कई प्रसिद्ध अर्थव्यवस्थाओं की करेंसी भी डॉलर के मुकाबले रुपये से काफी पीछे हैं:

देश

मुद्रा

प्रति डॉलर कीमत (लगभग)

वियतनाम

वियतनामी डोंग

26,000

लाओस

लाओशियन किप

21,000

इंडोनेशिया

इंडोनेशियाई रुपिया

16,000

जानकारी के लिए बता दें कि वियतनाम जानबूझकर अपनी करेंसी को कम रखता है ताकि उसका निर्यात (Export) वैश्विक बाजार में सस्ता और प्रतिस्पर्धी बना रहे।

अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका की चुनौतियां

  • सिएरा लियोन (अफ्रीका): यहाँ का 'लियोन' लगभग 22,500 प्रति डॉलर पर है।

  • पैराग्वे (दक्षिण अमेरिका): यहाँ 'गुआरानी' की कीमत 7,300 प्रति डॉलर से ऊपर है। इन देशों में भ्रष्टाचार, गरीबी और राजनीतिक उथल-पुथल करेंसी की कमजोरी के मुख्य कारण हैं।

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भारतीय रुपया: गिरावट के बावजूद क्यों है सुरक्षित?

फिलहाल रुपया ₹90.96 के स्तर पर है, लेकिन भारत की स्थिति लेबनान या ईरान जैसी नहीं है। भारत के पास मजबूत Foreign Exchange Reserve और स्थिर आर्थिक विकास दर है।

भारतीय रुपये में गिरावट के मुख्य कारण:

  1. कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें।

  2. वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना।

  3. विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालना (Capital Outflow)।

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