Indore Water Crisis : दूषित पानी से हुई मौतों के बाद डरे इंदौर के लोग, कहा- ‘‘नल का पानी पीने से डर लगता है''

Edited By Updated: 03 Jan, 2026 02:50 PM

indore drinking water tragedy people say they are scared to drink tap water

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के कारण कम से कम छह लोगों की मौत के बाद नगर निगम के नल कनेक्शन के जरिये घर-घर पहुंचने वाले पानी पर लोगों का भरोसा बुरी तरह हिल चुका है। इस पानी के अब भी दूषित होने की...

नेशनल डेस्क: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के कारण कम से कम छह लोगों की मौत के बाद नगर निगम के नल कनेक्शन के जरिये घर-घर पहुंचने वाले पानी पर लोगों का भरोसा बुरी तरह हिल चुका है। इस पानी के अब भी दूषित होने की आशंकाओं के चलते भागीरथपुरा के लोग इसे पीने के लिए इस्तेमाल करने से डर रहे हैं और इसकी जगह पीने के लिए बाहर से पानी खरीदने को तरजीह दे रहे हैं। भागीरथपुरा इलाके में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों की बड़ी आबादी है।

इस इलाके के मराठी मोहल्ले में रहने वाली सुनीता ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘हां, हमें नगर निगम के नल कनेक्शन से आने वाला पानी पीने में डर लगता है। हमारे क्षेत्र में दूषित पानी पीने से इतने लोगों की जानें गई हैं। अब हमें इस बात का पक्का सबूत चाहिए कि नल कनेक्शन से आने वाला पानी साफ है। तभी हम यह पानी पी सकेंगे।'' उन्होंने बताया कि उनका परिवार फिलहाल बाजार से बोतलबंद पानी खरीद रहा है और ऐसे एक बोतल के बदले उन्हें 20 से 30 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। सुनीता ने बताया, ‘‘हमारे इलाके में नल कनेक्शन के जरिये पिछले दो-तीन साल से गंदा पानी आ रहा है, लेकिन हमारी शिकायतों की सुनवाई नहीं की गई। अब जनता क्या करे? कोई हमारी बात सुनता है क्या? हम लम्बे वक्त से पानी में फिटकरी डालकर इसे साफ कर रहे हैं और पीने से पहले इसे उबाल रहे हैं।''

भागीरथपुरा में पेयजल की स्वच्छता को लेकर लोगों के डिगे भरोसे का आलम यह है कि चाय की दुकान में भी बोतलबंद पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि ग्राहकों को आश्वस्त किया जा सके कि इस पानी से बनी चाय उनकी सेहत के लिए सुरक्षित है। चाय दुकान के संचालक तुषार वर्मा ने बताया, ‘‘हम दूषित पेयजल कांड के बाद से चाय बनाने के लिए बोतलबंद पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, हमने चाय के दाम नहीं बढ़ाए हैं।'' इस बीच, स्थानीय प्रशासन भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप से निपटने के साथ ही पेयजल के उपयोग को लेकर लोगों को जागरूक रहा है।

PunjabKesari

जिलाधिकारी शिवम वर्मा ने बताया कि भागीरथपुरा में गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं की मदद से सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया, ‘‘ये कार्यकर्ता लोगों से कह रहे हैं कि वे पानी को 15 मिनट तक उबालकर पिएं और फिलहाल नगर निगम के टैंकरों के जरिये वितरित किया जा रहा पेयजल ही इस्तेमाल करें।'' जिलाधिकारी ने बताया कि भागीरथपुरा में नगर निगम की जलापूर्ति पाइपलाइन के साथ ही नलकूपों में ‘क्लोरीनीकरण' की प्रक्रिया जारी है। जानकारों ने बताया कि ‘क्लोरीनीकरण' के तहत पानी में क्लोरीन या क्लोरीन युक्त यौगिक मिलाए जाते हैं जिसका मुख्य उद्देश्य बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगाणुओं को मारकर पानी को पीने योग्य बनाना होता है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया जल-जनित बीमारियों को रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती है। प्रशासन ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त होने के कारण अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें इस प्रकोप में 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है।

स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। इंदौर, अपनी पानी की जरूरतों के लिए नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की बिछाई पाइपलाइन के जरिये नर्मदा नदी के पानी को पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद से 80 किलोमीटर दूर इंदौर लाकर घर-घर पहुंचाया जाता है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर में हर दूसरे दिन नल कनेक्शन के जरिये जलापूर्ति की जाती है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!