Edited By Sarita Thapa,Updated: 03 Jan, 2026 08:53 AM

आज 3 जनवरी 2026 को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच तीर्थराज प्रयागराज की रेती पर भक्ति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है।
Magh Mela 2026 : आज 3 जनवरी 2026 को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच तीर्थराज प्रयागराज की रेती पर भक्ति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर माघ मेले का पहला मुख्य स्नान शुरू हो चुका है, जहां भोर की पहली किरण के साथ ही लाखों श्रद्धालुओं ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।
15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
इस वर्ष का माघ मेला पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मेला प्रशासन के अनुसार, पूरे 44 दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक समागम में लगभग 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पहले ही दिन पौष पूर्णिमा पर करीब 20 से 30 लाख लोगों के स्नान करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कल्पवास की कठिन साधना का आगाज
पौष पूर्णिमा के साथ ही संगम तट पर कल्पवास की परंपरा भी शुरू हो गई है। लगभग 4 लाख कल्पवासी अगले एक महीने तक संगम की रेती पर बने तंबुओं में रहकर जप-तप और संयम का जीवन बिताएंगे। कड़कड़ाती ठंड में केवल एक बार सात्विक भोजन और तीन बार स्नान की यह कठिन साधना मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मानी जाती है।
इस बार क्यों खास है यह स्नान?
ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस बार का मेला अत्यंत शुभ है। आज धनु राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र की युति से चतुर्ग्रहीय योग बन रहा है। पंडितों के अनुसार, इस विशेष योग में गंगा स्नान करने से शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
हाईटेक हुई तंबुओं की नगरी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। 10-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें 17 पुलिस स्टेशन और 400 से अधिक AI वाले कैमरे तैनात हैं। भक्तों के अनुभव को खास बनाने के लिए पहली बार हेलीकॉप्टर दर्शन और पैराग्लाइडिंग जैसी पर्यटन सेवाएं भी शुरू की गई हैं। भारी भीड़ को देखते हुए घाटों की लंबाई लगभग 10,000 फीट तक बढ़ाई गई है।
आगामी मुख्य स्नान तिथियां (2026)
मकर संक्रांति: 14 जनवरी
मौनी अमावस्या (सबसे बड़ा स्नान): 18 जनवरी
बसंत पंचमी: 23 जनवरी
माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी
महाशिवरात्रि (समापन): 15 फरवरी
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