Edited By Ramkesh,Updated: 30 Jun, 2026 01:55 PM

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को कहा कि आज ही के दिन 40 वर्ष पहले हुए मिजोरम शांति समझौते पर हस्ताक्षर से वर्षों से जारी उग्रवाद का अंत हुआ था और यह राज्य के इतिहास में ''वास्तव में परिवर्तनकारी'' दिन था। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते पर...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को कहा कि आज ही के दिन 40 वर्ष पहले हुए मिजोरम शांति समझौते पर हस्ताक्षर से वर्षों से जारी उग्रवाद का अंत हुआ था और यह राज्य के इतिहास में ''वास्तव में परिवर्तनकारी'' दिन था। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के दो महीने बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ''असाधारण राजनेता होने का'' परिचय देते हुए अपने पार्टी सहयोगी लाल थानहावला को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए राजी किया, ताकि लालडेंगा मिजोरम के मुख्यमंत्री बन सकें।
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आज से ठीक 40 वर्ष पहले ऐतिहासिक मिजोरम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे वर्षों से जारी उग्रवाद और हिंसा का अंत हुआ। लगभग डेढ़ दशक तक केंद्र सरकार और पु लालडेंगा के नेतृत्व वाले मिजो नेशनल फ्रंट के बीच लंबी वार्ताएं चली थीं। उन्होंने कहा कि 30 जून, 1986 मिजोरम के इतिहास में ''वास्तव में परिवर्तनकारी'' दिन था, जिसे राज्य के लोग हर वर्ष 'रेमना नी' (शांति दिवस) के रूप में मनाते हैं। उल्लेखनीय है कि मिजोरम मंगलवार को ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर की 40वीं वर्षगांठ मना रहा है।