Edited By Mansa Devi,Updated: 19 Jan, 2026 12:53 PM

बैंकिंग, मोबाइल कनेक्शन और सरकारी सेवाओं में आधार कार्ड के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक की सुविधा प्रदान...
नेशनल डेस्क: बैंकिंग, मोबाइल कनेक्शन और सरकारी सेवाओं में आधार कार्ड के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक की सुविधा प्रदान की है, जिससे आधार से जुड़े संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखा जा सकता है।
क्या है आधार बायोमेट्रिक लॉक सुविधा
UIDAI की इस सुविधा के तहत आधार धारक अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन को अस्थायी रूप से लॉक कर सकते हैं। एक बार बायोमेट्रिक लॉक हो जाने पर आधार नंबर उपलब्ध होने के बावजूद कोई भी व्यक्ति बायोमेट्रिक सत्यापन या ऑथेंटिकेशन नहीं कर सकता। यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिनका आधार डेटा विभिन्न सेवाओं में साझा किया गया है या जो किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकना चाहते हैं।
धोखाधड़ी के खतरे में आती है कमी
बायोमेट्रिक लॉक होने के बाद फिंगरप्रिंट या आईरिस आधारित सेवाएं अनलॉक होने तक निष्क्रिय रहती हैं। इनमें ई-केवाईसी, सिम सत्यापन और कुछ बैंकिंग सेवाएं शामिल हैं। इससे पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी की आशंका कम होती है और बायोमेट्रिक डेटा के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकता है। UIDAI के अनुसार, बायोमेट्रिक लॉक करने से आधार नंबर निष्क्रिय नहीं होता और पैन लिंकिंग या दस्तावेज सत्यापन जैसी गैर-बायोमेट्रिक सेवाएं पहले की तरह जारी रहती हैं।
UIDAI वेबसाइट से ऐसे करें बायोमेट्रिक लॉक
आधार धारक UIDAI के सेल्फ-सर्विस पोर्टल के माध्यम से आसानी से बायोमेट्रिक लॉक कर सकते हैं। इसके लिए resident.uidai.gov.in पर जाकर ‘Aadhaar Lock/Unlock’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद 12 अंकों का आधार नंबर, नाम और पिन कोड दर्ज कर ‘Send OTP’ पर क्लिक करना होगा। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर सत्यापन पूरा करने के बाद बायोमेट्रिक लॉक हो जाता है।