Edited By Mehak,Updated: 24 Jan, 2026 03:44 PM

आज के समय में मोबाइल फोन में मौजूद डेटा पुलिस के लिए मजबूत सबूत बन चुका है। अगर फोन में गैरकानूनी फोटो, वीडियो, भड़काऊ मैसेज, फर्जी ऐप या संदिग्ध कंटेंट मिला तो बिना शिकायत के भी कार्रवाई हो सकती है। अनजान नंबर से आए फाइल्स को सेव या फॉरवर्ड करना...
नेशनल डेस्क : आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रहा, बल्कि बैंकिंग, ऑफिस के काम, ऑनलाइन खरीदारी और निजी डाटा का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है। लेकिन फोन का गलत इस्तेमाल या छोटी-सी लापरवाही भी किसी को कानूनी परेशानी में डाल सकती है। कई लोग मजाक या जिज्ञासा में किसी के भेजे फोटो, वीडियो या फाइल को सेव कर लेते हैं, बिना यह सोचे कि वही कंटेंट उनके लिए मुसीबत बन सकता है।
साइबर सेल अब मोबाइल फोन में मौजूद डेटा को मजबूत सबूत मानती है। अगर किसी व्यक्ति के फोन में गैरकानूनी डिजिटल सामग्री पाई जाती है, तो कई मामलों में बिना शिकायत के भी पुलिस कार्रवाई हो सकती है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि फोन में क्या रखना खतरे की घंटी बन सकता है।
सबसे बड़ा जोखिम गैरकानूनी कंटेंट से जुड़ा होता है। इसमें आपत्तिजनक फोटो और वीडियो, बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री, अवैध हथियारों की जानकारी, ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े मैसेज, फर्जी दस्तावेज और हैकिंग से जुड़े टूल शामिल हैं। कानून के मुताबिक ऐसे कंटेंट को सिर्फ बनाना ही नहीं, बल्कि डाउनलोड करना, सेव करना या किसी को फॉरवर्ड करना भी अपराध माना जाता है।
पुलिस अब सिर्फ फोन की गैलरी ही नहीं देखती, बल्कि क्लाउड बैकअप और डिलीट किए गए डेटा तक की जांच करती है। ऐसे में अनजान नंबर या संदिग्ध सोर्स से आए किसी भी फाइल को तुरंत हटाना ही सुरक्षित विकल्प है।
इसके अलावा भड़काऊ मैसेज, अफवाहें, नफरत फैलाने वाली पोस्ट और फेक न्यूज शेयर करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। फर्जी लोन ऐप, जासूसी या स्क्रीन रिकॉर्डिंग के नाम पर चलने वाले ऐप और ठगी से जुड़े सॉफ्टवेयर भी कानूनी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। कई बार लोग ऑनलाइन कमाई या आसान पैसे के लालच में ऐसे ऐप डाउनलोड कर लेते हैं, जो बाद में उनके खिलाफ सबूत बन जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फोन को सुरक्षित रखने के लिए अनजान ऐप्स को हटाना, संदिग्ध कंटेंट से दूरी बनाना और किसी भी फाइल को सेव या शेयर करने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी सतर्कता आपको बड़ी कानूनी परेशानी से बचा सकती है।