Edited By Sahil Kumar,Updated: 30 Jan, 2026 08:07 PM

फरवरी 2026 में छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं के बीच कई छुट्टियां होंगी। 1 फरवरी को संत रविदास जयंती, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि, 18 फरवरी को सिक्किम में लोसर पर्व और 19 फरवरी को महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।...
नेशनल डेस्कः फरवरी का महीना छात्रों के लिए हमेशा खास रहता है, क्योंकि इसी दौरान बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाता है। पढ़ाई के बीच आने वाली छुट्टियां छात्र और अभिभावकों दोनों के लिए जरूरी होती हैं। इस साल फरवरी 2026 में भी कई राज्य और स्कूल प्रमुख त्योहारों के चलते बंद रहेंगे। आइए जानते हैं इस महीने किन-किन तारीखों पर स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे और छात्र किन छुट्टियों का लाभ ले सकते हैं।
फरवरी 2026 में कब-कब रहेंगे स्कूल-कॉलेज बंद?
फरवरी 2026 में संत रविदास जयंती, स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती, महाशिवरात्रि और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती जैसे प्रमुख अवसरों पर विभिन्न राज्यों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा शनिवार, रविवार और बोर्ड परीक्षाओं के बीच पड़ने वाली छुट्टियां संबंधित बोर्ड के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार होंगी।
1 फरवरी को संत रविदास जयंती
संत रविदास जयंती 1 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह पर्व हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में मनाया जाता है। हालांकि, इस बार 1 फरवरी रविवार को पड़ रही है, इसलिए यह पहले से साप्ताहिक अवकाश का दिन है।
15 और 19 फरवरी को रहेंगे स्कूल बंद
महाशिवरात्रि का पर्व इस बार 15 फरवरी 2026 को है। देश के अधिकांश राज्यों में इस दिन स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहता है। लेकिन 15 फरवरी भी रविवार को पड़ रहा है, जिससे छात्रों को अतिरिक्त छुट्टी नहीं मिलेगी। वहीं, 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित रहता है। इस कारण राज्य में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
फरवरी 2026 में संभावित छुट्टियों की सूची
1 फरवरी – संत रविदास जयंती (कुछ राज्यों में अवकाश, रविवार)
15 फरवरी – महाशिवरात्रि (कई राज्यों में अवकाश, रविवार)
18 फरवरी – लोसर पर्व (सिक्किम में अवकाश संभव)
19 फरवरी – छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (महाराष्ट्र में अवकाश)
स्कूल और कॉलेज की छुट्टियां राज्य सरकार, शिक्षा बोर्ड और संबंधित संस्थान के नियमों पर निर्भर करती हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल कैलेंडर जरूर देखें। किसी भी भ्रम की स्थिति में स्कूल के शिक्षक या प्रिंसिपल से संपर्क कर आधिकारिक जानकारी प्राप्त करें।