Edited By Rahul Rana,Updated: 08 Aug, 2026 03:36 PM

माता जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम में शनिवार का दिन आस्था और श्रद्धा से भरा रहा। भव्य मंदिर के निर्माण कार्य के पूरा होने तक मां जानकी, भगवान राम और राम दरबार की प्रतिमाओं को नवनिर्मित अस्थायी ‘श्री सीताराम मंडपम’ में विधि-विधान के साथ विराजमान...
सीतामढ़ी: माता जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम में शनिवार का दिन आस्था और श्रद्धा से भरा रहा। भव्य मंदिर के निर्माण कार्य के पूरा होने तक मां जानकी, भगवान राम और राम दरबार की प्रतिमाओं को नवनिर्मित अस्थायी ‘श्री सीताराम मंडपम’ में विधि-विधान के साथ विराजमान कराया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान
पुराने गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद अभिजित मुहूर्त में मां जानकी, भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को शोभायात्रा के साथ नए मंडपम तक ले जाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच प्रतिमाओं की नए स्थान पर विधिवत स्थापना की गई।
2028 तक पूरा होगा भव्य मंदिर
पुनौरा धाम में बन रहे नए मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर का निर्माण पूरा कर मां जानकी को फिर से भव्य मंदिर में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज माता जानकी को दूसरे स्थान पर स्थापित किया गया है और अब लक्ष्य तय समय सीमा में मंदिर का निर्माण पूरा करना है। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद मां जानकी को पुनः नए भव्य मंदिर में विराजमान कराया जाएगा।
एक साल पहले हुआ था शिलान्यास
पुनौरा धाम के भव्य विकास की दिशा में 8 अगस्त 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंदिर निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। भूमिपूजन और शिलान्यास के ठीक एक साल बाद अब मां जानकी और राम दरबार की प्रतिमाओं को अस्थायी सीताराम मंडपम में विराजमान कराया गया है। यह आयोजन पुनौरा धाम के विकास के अगले चरण की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। मंदिर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और दर्शन की व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अस्थायी मंडपम तैयार किया गया है।
अयोध्या की तर्ज पर विकसित हो रहा पुनौरा धाम
माता जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम को अयोध्या की तर्ज पर विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत यहां धार्मिक सुविधाओं के साथ पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि पुनौरा धाम के भव्य विकास से सीतामढ़ी को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
‘यह बेहद शुभ और सुखद घटना’
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पुनौरा धाम में प्रतिमाओं की स्थापना को शुभ और सुखद अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह माता जानकी की जन्मस्थली है और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके विकास के लिए बड़ा भूखंड उपलब्ध कराया था। उन्होंने कहा कि पुराने मंदिर से भगवान राम और माता जानकी को नए मंदिर में स्थापित किया जाना शुभ संकेत है।
भव्य मंदिर में होगा मां जानकी का मंगल प्रवेश
पुनौरा धाम में शनिवार को हुआ मंगल प्रवेश एक अस्थायी व्यवस्था की शुरुआत है। अब श्रद्धालुओं की नजर उस दिन पर होगी जब नए भव्य मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद मां जानकी को पुनः उनके भव्य धाम में विराजमान कराया जाएगा। सरकार ने 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार निर्माण पूरा होता है, तो पुनौरा धाम आने वाले वर्षों में बिहार के सबसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में अपनी नई पहचान बना सकता है।