महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन! कम्फर्ट और स्लीप वेल अगरबत्ती पर लगा बैन, रिटेलर्स को दी कड़ी चेतावनी

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 02:50 PM

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महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में बिना मंजूरी वाले रसायनों से बनी मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ एक व्यापक प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध उत्पादों के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में बिना मंजूरी वाले रसायनों से बनी मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ एक व्यापक प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध उत्पादों के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेष रूप से ‘कंफर्ट’ और ‘स्लीप वेल’ ब्रांड की अगरबत्तियों को निशाना बनाया गया है, क्योंकि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन और मेपरफ्लुथ्रिन जैसे कीटनाशक रसायन पाए गए हैं, जो अगरबत्ती के रूप में उपयोग के लिए स्वीकृत नहीं हैं।

अधिकारियों को मिली सख्त हिदायत
महाराष्ट्र के कृषि निदेशक ने सभी विभागीय संयुक्त कृषि निदेशकों और कीटनाशक निरीक्षकों को ताजा सरकुलर जारी किया है। इसके तहत कीटनाशक अधिनियम, 1968 और कीटनाशक नियम, 1971 के तहत तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को छापेमारी करने, अवैध स्टॉक जब्त करने और दोषी निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने को कहा गया है।


सभी रिपोर्टें सीधे आयुक्तालय को भेजी जाएंगी
सरकुलर में यह भी कहा गया है कि क्षेत्रीय अधिकारियों को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे कृषि आयुक्तालय को सौंपनी होगी। इससे पूरे राज्य में एक समान और समयबद्ध प्रवर्तन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस कार्रवाई की शुरुआत मुंबई में ‘कंफर्ट’ ब्रांड के खिलाफ की गई पिछली प्रवर्तन गतिविधियों के बाद हुई, और अब इसे पूरे महाराष्ट्र में विस्तारित किया गया है।


मानव स्वास्थ्य पर पड़ सकता है खतरा
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में की गई जांच और प्रयोगशाला परीक्षणों से पुष्टि हुई है कि इन अगरबत्तियों में ऐसे रसायन पाए गए हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उत्पाद बिना किसी नियामक मंजूरी के बेचे जा रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं में सुरक्षा को लेकर भ्रम फैल रहा था।


उद्योग जगत ने की सराहना
होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (HICA) ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। संगठन के मानद सचिव जयंत देशपांडे ने कहा कि अवैध और बिना मंजूरी वाले रसायनों का दुरुपयोग सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि यह प्रवर्तन उन लोगों के हित में है जो अनजाने में नकली मच्छर अगरबत्तियां खरीदते हैं।


उपभोक्ताओं और दुकानदारों के लिए चेतावनी
अधिकारियों और विशेषज्ञों ने नागरिकों और दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे बिना मंजूरी वाले कीटनाशक युक्त अगरबत्तियों से दूर रहें। दुकानदारों को इस तरह के अवैध उत्पाद का स्टॉक रखना और बेचना तुरंत बंद कर देना चाहिए। उपभोक्ताओं को केवल वैध CIBRC पंजीकरण संख्या वाले मच्छर भगाने वाले उत्पाद खरीदने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने चेताया कि बिना मंजूरी वाले रसायनों का धुआं फेफड़ों और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। सरकार की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि जनता की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध निर्माताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

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