Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Apr, 2026 08:04 PM

सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। वित्त मंत्रालय ने अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की ब्याज दर का ऐलान कर दिया है। खास बात यह है कि इस बार भी ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे लाखों...
नेशनल डेस्क : सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। वित्त मंत्रालय ने अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की ब्याज दर का ऐलान कर दिया है। खास बात यह है कि इस बार भी ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को स्थिर रिटर्न मिलता रहेगा।
तीन महीने के लिए 7.1% ब्याज दर बरकरार
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक GPF और इससे जुड़े सभी प्रोविडेंट फंड्स पर 7.1% सालाना ब्याज दिया जाएगा। यह दर पिछले कई क्वार्टर से स्थिर बनी हुई है, यानी कर्मचारियों के निवेश पर मिलने वाले रिटर्न में कोई उतार-चढ़ाव नहीं होगा।
इन सभी फंड्स पर लागू होगा फैसला
सरकार का यह निर्णय सिर्फ GPF तक सीमित नहीं है। सेंट्रल सर्विसेज GPF, ऑल इंडिया सर्विसेज प्रोविडेंट फंड, रेलवे और डिफेंस सेक्टर के प्रोविडेंट फंड्स पर भी यही ब्याज दर लागू रहेगी। इससे अलग-अलग विभागों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
GPF क्या है और क्यों माना जाता है सुरक्षित निवेश?
जनरल प्रोविडेंट फंड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक भरोसेमंद सेविंग्स स्कीम है। इसमें कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा नियमित रूप से जमा करते हैं, जिस पर सरकार की ओर से तय ब्याज मिलता है। रिटायरमेंट के समय यह पूरी राशि एकमुश्त दी जाती है, जिससे यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत साधन बन जाता है।
अन्य बचत योजनाओं में भी नहीं हुआ बदलाव
सरकार ने केवल GPF ही नहीं, बल्कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की ब्याज दर भी 7.1% पर स्थिर रखी है। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की ब्याज दर 8.25% बनी हुई है, जो फिलहाल GPF के मुकाबले थोड़ा अधिक रिटर्न दे रही है।