ममता बनर्जी EC और BJP पर तीखा हमला करते हुए बोलीं-  वोटर लिस्ट से नाम गायब, लोकतंत्र खतरे में

Edited By Updated: 25 Mar, 2026 02:05 PM

mamata questions election fairness over  deleted  voters in bengal

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनावी शुचिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को मैनागुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) और भारतीय जनता पार्टी (BJP)...

नेशनल डेस्कपश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनावी शुचिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को मैनागुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच 'साठगांठ' होने का गंभीर आरोप लगाया।

वोटर लिस्ट में 'बीजेपी के सिंबल' पर विवाद

ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की अधिसूचना पर भाजपा का चुनाव चिह्न दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे 'लिपिकीय त्रुटि' (Clerical Error) मानने से इनकार करते हुए कहा, "बिल्ली अब थैले से बाहर आ गई है। चुनाव आयोग और बीजेपी का नेक्सस अब सबके सामने है। आयोग स्पष्ट करे कि सरकारी अधिसूचना पर किसी राजनीतिक दल का सिंबल क्या कर रहा है?"

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नागरिकता और पहचान का मुद्दा उठाया

मुख्यमंत्री ने असली मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह चुनाव की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "वे (केंद्र सरकार) बंगाल में डिटेंशन कैंप बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं या मेरी आने वाली पीढ़ी इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। किसी के पास भी लोगों के वोट देने का अधिकार छीनने की शक्ति नहीं है।"

200 मौतों का सनसनीखेज दावा

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया (SIR) के दौरान पैदा हुए तनाव के कारण अब तक राज्य में लगभग 200 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी पहचान और वोटिंग स्टेटस को लेकर इतने डरे हुए हैं कि आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सप्लीमेंट्री लिस्ट को रात के अंधेरे में क्यों प्रकाशित किया गया और इसे अभी तक ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है।

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विपक्ष से एकजुट होने की अपील

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केवल सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही कुछ नाम जोड़ने पर राजी हुआ है, लेकिन प्रक्रिया अभी भी संदिग्ध है। उन्होंने देश की सभी राजनीतिक पार्टियों से "एकदलीय तानाशाही" के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। ममता ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसियों और संस्थाओं का दुरूपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह चुनाव इस 'नेक्सस' का अंत साबित होगा।

 

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