विधानसभा चुनाव से पहले थरुर ने किया सियासी हमला, बोले- BJP केरल में अपना खाता ही खोल ले वही बहुत है

Edited By Updated: 19 Mar, 2026 04:15 PM

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई प्रभाव नहीं होने का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में सरकार गठन में भी भाजपा की कोई महत्वपूर्ण भूमिका होने की संभावना नहीं है तथा वह अपना खाता...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई प्रभाव नहीं होने का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में सरकार गठन में भी भाजपा की कोई महत्वपूर्ण भूमिका होने की संभावना नहीं है तथा वह अपना खाता खोल ले, वही बहुत है। केरल विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान शुरू करने से पहले 'पीटीआई-भाषा' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में, थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि मुकाबला मुख्य रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच होगा।

थरूर ने कहा, ''यह त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है क्योंकि विधानसभा में भाजपा की एक भी सीट नहीं है। शून्य से आगे यदि वे एक, दो या तीन सीट भी जीत लेते हैं, तो उन्हें (भाजपा) बेहद गर्व और खुशी होगी और वे (भाजपा) खुद को एक बड़ी जीत का श्रेय देंगे। भाजपा की यही स्थिति है।'' तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, ''उनका (भाजपा) राज्य में इतना भी प्रभाव होने की संभावना नहीं है कि वे सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। यह मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही होने वाला है, और इसमें कोई संदेह नहीं है।'' हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा चुनावी आंकड़ों के अनुसार, कांटे की टक्कर होने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि हर सीट और हर वोट महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ''इसलिए, हम भाजपा की अनदेखी नहीं कर रहे हैं।''

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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा को केरल में सरकार के लिए खतरा या संभावित सत्तारूढ़ दल के रूप में नहीं देखती है। उन्होंने कहा, ''जैसा कि मैंने कहा है, वे अधिक से अधिक यही कर सकते हैं कि अपना खाता खोल लें।'' उनसे जब यह पूछा गया कि क्या केरल की राजनीति में भाजपा का अभी कोई प्रभाव नहीं है, तो थरूर ने कहा, ''हां, यह सही है। सीट जीतने के लिए एक निश्चित मत प्रतिशत की आवश्यकता होती है और मेरे राजनीति में आने के 17 वर्षों से अधिक की अवधि के दौरान, भाजपा छह प्रतिशत वोट वाली पार्टी से बढ़कर 12-13 प्रतिशत वोट वाली पार्टी बन गई है...हालांकि लोकसभा चुनावों में, उन्हें 19 प्रतिशत तक वोट मिले हैं, लेकिन जब राज्य चुनावों की बात आती है, तो वे फिर से लगभग 12-13% पर चले जाते हैं।''

थरूर ने कहा कि अगर भाजपा अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है, तो यह संभवतः एक धीमी और क्रमिक प्रक्रिया होगी, लेकिन यह संभव नहीं है कि वे सीटें जीतने के लिए आवश्यक आंकड़े तक पहुंच पाएं। केरल में 2021 के विधानसभा चुनावों में, सत्तारूढ़ एलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी, जो इसके पिछले चुनाव की तुलना में आठ अधिक सीटें थीं। वर्ष 1977 के बाद यह पहला मौका था, जब किसी गठबंधन ने राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की। हालांकि, लोकसभा चुनावों में भाजपा केरल में एक सीट जीतने में कामयाब रही। सुरेश गोपी त्रिशूर सीट से चुने गए। केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होना है। 

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