Edited By ,Updated: 27 Jan, 2016 11:51 PM

गुजरात में रहने वाले प्रहलाद माताजी नाम के साधु दावा करते हैं कि उन्होंने 1940 से न कुछ खाया है और न पिया है। प्रहलाद का कहना है कि उन्हें दुर्गा माता का वरदान मिला है।
गुजरात: गुजरात में रहने वाले प्रहलाद माताजी नाम के साधु दावा करते हैं कि उन्होंने 1940 से न कुछ खाया है और न पिया है। प्रहलाद का कहना है कि उन्हें दुर्गा माता का वरदान मिला है। उनके अनुसार, जब मैं 12 साल का था, तब कुछ साधू मेरे पास आए। उन्होंने कहा, हमारे साथ चलो, परंतु मैंने मना कर दिया। उसके करीब छह महीने बाद देवी जैसी तीन कन्याएं मेरे पास आईं और मेरी जीभ पर अंगुली रखी। तब से ले कर आज तक मुझे न तो प्यास लगती है और न ही भूख लगती। 2010 में उनके ऊपर 3 कैमरे लगाए गए और 24 घंटे निगरानी रखी गई। लेकिन इसमें कुछ भी संदेहास्पद नहीं पाया गया।
इससे कई लोग ये मानने लगे कि वे सिर्फ ऑक्सीजन और रोशनी से जिंदा हैं। हालांकि, उनके दावे को साइंटिफिक तौर पर अभी तक मान्यता नहीं मिली है। भारत के डॉक्टरों ने 2003 और 2005 में प्रहलाद जानी की अच्छी तरह जांचा-परखा है। इन जांच प्रक्रियाओं के अगुआ रहे अहमदाबाद के न्यूरॉलॉजिस्ट डॉ. सुधीर शाह ने कहा, 'उनका कोई शारीरिक ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है। वे जाने-अनजाने में बाहर से शक्ति प्राप्त करते हैं। उन्हें कैलरी यानी भोजन की जरुरत नहीं पड़ती। हमने कई दिन तक उनका अवलोकन किया, एक-एक सेकंड का वीडियो लिया, उन्होंने न तो कुछ खाया, न पिया, न पेशाब किया और न शौचालय गए।
30 डॉक्टरों की एक टीम ने तरह-तरह की डॉक्टरी जांच की। मैग्नेटिक रिजोनैंस इमेजिंग मशीन से उन के शरीर को स्कैन किया। हृदय और मस्तिष्क क्रियाओं को तरह-तरह से मापा। रक्त परीक्षा की, दो वीडियो कैमरों के द्वारा 24 घंटे प्रहलाद जानी पर नजर रखी। जब भी वे अपना बिस्तर छोड़ते, एक वीडियो कैमरा साथ-साथ चलता। पाया गया कि प्रहलाद जानी का दावा एकदम सच है। वे सचमुच बिना खाने और पानी के न सिर्फ जिंदा हैं बल्कि पूरी तरह से स्वस्थ भी हैं।