Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 May, 2026 02:49 PM

मुंबई में पिछले महीने हुई एक परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत के मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पिछले महीने दक्षिण मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। फॉरेंसिक जांच...
Mumbai Watermelon Poisoning Case : मुंबई में पिछले महीने हुई एक परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत के मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पिछले महीने दक्षिण मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। फॉरेंसिक जांच (FSL) की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि जिस तरबूज को परिवार ने खाया था उसमें जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) नामक घातक जहर मौजूद था। यह वही रसायन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है।
बता दें कि यह घटना 26 अप्रैल की है जब दक्षिण मुंबई के एक घर में अब्दुल्लाह डोकाड़िया उनकी पत्नी नसीम और उनकी दो बेटियां, आयशा व जैनब मृत पाए गए थे। शुरुआती जांच में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था क्योंकि परिवार ने रात को तरबूज खाया था।
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पुलिस ने तरबूज के बचे हुए टुकड़ों और मृतकों के विसरा सैंपल को लैब में भेजा था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि तरबूज और मृतकों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड की मात्रा पाई गई। यह एक बेहद जहरीला केमिकल है जो मानव शरीर के अंगों को तुरंत फेल कर देता है। इसका उपयोग कृषि क्षेत्रों और अनाज के गोदामों में चूहों के खात्मे के लिए किया जाता है। फिलहाल अब मुंबई पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर फल के अंदर इतना खतरनाक जहर पहुंचा कैसे?