दिल्ली-NCR में अगले 5 साल में बसेंगे 4 नए Namo Cities, केंद्र सरकार ने मंजूर किया ₹5000 करोड़ का बजट

Edited By Updated: 18 Jun, 2026 09:44 AM

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Delhi NCR Namo Cities: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती आबादी, ट्रैफिक पर बढ़ते दबाव से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सुनियोजित विकास के लिए अगले 5 सालों के अंदर 4 नए अत्याधुनिक...

Delhi NCR Namo Cities: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती आबादी, ट्रैफिक पर बढ़ते दबाव से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सुनियोजित विकास के लिए अगले 5 सालों के अंदर 4 नए अत्याधुनिक Greenfield Cities बसाए जाएंगे। इन नए Planned cities को Namo Cities का नाम दिया गया है, जिनके शुरुआती विकास के लिए सरकार ने 5,000 करोड़ का भारी-भरकम फंड आवंटित किया है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की बैठक में बड़ा फैसला
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित 'एनसीआर प्लानिंग बोर्ड' (NCRPB) की हाई लेवल बैठक में इस मेगा प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई गई। इस रणनीतिक योजना के तहत दिल्ली समेत इसके पड़ोसी राज्यों के इन हिस्सों में एक-एक नया शहर विकसित किया जाएगा:
-Delhi
-Haryana
-Uttar Pradesh
-Rajasthan

मास्टर प्लान 2041:
 इन चारों राज्यों की सरकारें जल्द ही अपने-अपने क्षेत्रों के लिए जमीन और विकास का प्रस्ताव केंद्र को भेजेंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पर केंद्रित जनसंख्या के असंतुलित बोझ को चारों दिशाओं में समान रूप से विभाजित करना है।

क्यों जरूरी हैं ये 'नमो सिटीज'
सरकारी आंकड़ों और अनुमानों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की शहरी आबादी साल 2031 तक बढ़कर 57% और साल 2041 तक 67% के आंकड़े को छू सकती है। इतने बड़े पैमाने पर होने वाले शहरीकरण को संभालने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचा नाकाफी साबित हो रहा है।

30 मिनट का सफर
'नमो सिटीज' का विजन सिर्फ नए घर बसाना नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। सरकार का लक्ष्य है कि अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के जरिए एनसीआर के मुख्य शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाकर महज 30 मिनट कर दिया जाए।

क्या खास होगा 'नमो सिटीज' में?
ये शहर किसी आम टाउनशिप की तरह नहीं, बल्कि पूरी तरह से 'स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटीज' के रूप में डिजाइन किए जाएंगे। इन शहरों को सीधे एक्सप्रेसवे, वंदे भारत और रैपिड रेल (RRTS) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यहां आधुनिक आवासीय कॉलोनियों के साथ-साथ बड़े कमर्शियल और आईटी हब बनाए जाएंगे, जहां 50% से अधिक हिस्सा हरियाली और पार्कों के लिए आरक्षित होगा। नए शहरों के निर्माण से रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में लाखों नए Jobs पैदा होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़ा फायदा मिलेगा। अगर यह योजना समय पर धरातल पर उतरती है, तो आने वाले समय में एनसीआर के निवासियों को प्रदूषण मुक्त माहौल, आलीशान जीवनशैली और ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकती है।

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