‘नेशनल हेराल्ड' मामला: भाजपा ने कांग्रेस के प्रतिशोध के आरोप को खारिज किया

Edited By Updated: 16 Apr, 2025 02:19 PM

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भारतीय जनता पार्टी ने ‘नेशनल हेराल्ड' मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी के पास ‘‘लूटने का अधिकार'' नहीं है। पार्टी ने कांग्रेस के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने, ‘नेशनल हेराल्ड' मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी...

नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी ने ‘नेशनल हेराल्ड' मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी के पास ‘‘लूटने का अधिकार'' नहीं है। पार्टी ने कांग्रेस के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने, ‘नेशनल हेराल्ड' मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद, बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया था। पूर्व कानून मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस से कहा कि वह गांधी परिवार के खिलाफ आरोपों पर जवाब दे, न कि राजनीतिक प्रतिक्रिया दे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल को जांच के खिलाफ अपनी याचिकाओं में न्यायपालिका से कोई राहत नहीं मिली।

प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में गांधी परिवार के खिलाफ मुख्य आरोप को रेखांकित किया कि ‘यंग इंडिया कंपनी' के 76 प्रतिशत शेयरधारक के रूप में उन्होंने (सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने) एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के स्वामित्व वाली हजारों करोड़ की अचल संपत्ति का ‘‘दुरुपयोग'' किया, जिसके पास ‘नेशनल हेराल्ड' अखबार का स्वामित्व था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को (सोनिया गांधी और राहुल के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र का विरोध करने के लिए) ‘धरना' देने का अधिकार है, लेकिन ‘नेशनल हेराल्ड' को सरकार द्वारा दी गई सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस पर जांच एजेंसी को धमकी देने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या पार्टी और गांधी परिवार कानून की उचित प्रक्रिया में विश्वास करते हैं या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘हम कांग्रेस की धमकियों की निंदा करते हैं। (नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है। वह कानून को अपना काम करने देगी।'' उन्होंने कहा कि ‘यंग इंडिया' ने कांग्रेस द्वारा एजेएल को दिए गए 90 करोड़ रुपये के ऋण को माफ कर दिया और 50 लाख रुपये के मामूली निवेश के साथ कंपनी का स्वामित्व प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि यह जमीन सरकार ने एजेएल को दी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिष्ठान ने कथित तौर पर ‘नेशनल हेराल्ड' का इस्तेमाल विज्ञापन और संपत्ति जुटाने के लिए किया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक अखबार जिसे स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश साम्राज्यवाद से लड़ने वालों की आवाज उठाने के लिए स्थापित किया गया था, वह कांग्रेस पार्टी के लिए धन कमाने का जरिया बन गया।'' उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘‘विकास का गांधी मॉडल'' है।

उन्होंने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाद्रा पर हरियाणा में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की मिलीभगत से जमीन सौदे में भारी मुनाफा कमाने के आरोप का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘नेशनल हेराल्ड' की शुरुआत 1930 के दशक में स्वतंत्रता संग्राम की आवाज के रूप में 5,000 शेयरधारकों के साथ की गई थी, लेकिन इसे नेहरू-गांधी परिवार की जागीर बना दिया गया। ईडी ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ ‘नेशनल हेराल्ड' मामले में यहां एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें उन पर कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये के धन शोधन का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने ईडी के आरोपपत्र को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। 
 

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