कोविड वैक्सीनेशन, संसद भवन और FB मुख्यालय...कई ऐसे मौके जब रो पड़े PM मोदी

Edited By Updated: 16 Jan, 2021 02:31 PM

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दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान शुरू करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी आज भावुक भी हो गए। उन्होंने कोरोना वॉरियर्स के योगदान को याद किया और कहा कि कई साथी तो अस्पताल से घर तक नहीं लौट पाए। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि ऐसा भी मौका था...

नेशनल डेस्क: दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान शुरू करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी आज भावुक भी हो गए। उन्होंने कोरोना वॉरियर्स के योगदान को याद किया और कहा कि कई साथी तो अस्पताल से घर तक नहीं लौट पाए। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि ऐसा भी मौका था जब मां अपने बच्चों को गोद नहीं ले पा रही थीं, बहुत से पिता ऐसे भी थे जो हॉस्पिटल में थे, लेकिन उनकी संतान उनसे मिल नहीं पा रही थी। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब मोदी भावुक हुए हो, इससे पहले कई ऐसे किस्सों को याद करके मोदी की आंखें नम हो गई थीं।

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मई 2014: प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी के लिए गुजरात विधानसभा में विशेष सत्र रखा गया था, इसमें मोदी ने विदाई भाषण में विपक्ष की भी तारीफ की थी जब विपक्ष के नेता उन्हें शुभकामनाएं दे रहे थे, तब मोदी भाषण देते हुए भावुक हो गए थे।

मई 2014: लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद संसद के सेंट्रल हाल में लालकृष्ण आडवाणी के बयान (नरेंद्र भाई ने कृपा की) का जिक्र करते हुए मोदी के आंसू छलक पड़े थे। उस समय रोते हुए मोदी ने कहा था कि आडवाणी कृपा शब्द का प्रयोग न करें, मां की सेवा कभी कृपा नहीं होती मेरे लिए भाजपा मां के समान है।

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सितंबर 2015: अमेरिका यात्रा के दौरान फेसबुक हेडक्वॉर्टर में मार्क जुकरबर्ग के सवालों के जवाब वक्त भी पीएम मोदी की आंखें भर आई थीं। मोदी ने इस दौरान अपनी मां के संघर्ष के बारे में बताया था, जब वे भावुक हुए थे। उन्होंने हा था कि उनकी मां ने दूसरों के घरों में काम करके उन्हें पाला-पोसा। उन्होंने कहा था हमने काफी गरीबी में समय गुजारा था। 

मई 2015: मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी बंगाल दौरे के समय पहली बार बेलूर मठ गए थे। वहां जब उनके लिए स्वामी विवेकानंद का कमरा खोला गया तो वे भावुक हो उठे थे। गौरतलब है कि मोदी जब युवावस्था में साधु बनना चाहते थे, तब इसी मठ ने तीन बार उनकी अपील को नामंजूर कर दिया था।

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8 नवंबर 2016: नोटबंदी के बाद 13 नवंबर को गोवा में भाषण देते नरेन्द्र मोदी की आंखों में आंसू आ गए थे। उन्होंने कहा कि मैंने घर-परिवार, सब देश के लिए छोड़ दिया। यह बोलते वक्त मोदी काफी भावुक हो गए थे। 

जनवरी 2016: पीएम मोदी उस वक्त भी अपने आंसू नहीं रोक पाए थे जब वह बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान बोल रहे थे। मोदी ने नम आंखों से कहा था कि मैं एक मां के बेटा खोने का दर्द समझ सकता हूं। 
 

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