Edited By Radhika,Updated: 24 Mar, 2026 11:11 AM

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए वक्तव्य की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान में उस दृढ़ता की कमी थी जो एक "मजबूत...
नेशनल डेस्क: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए वक्तव्य की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान में उस दृढ़ता की कमी थी जो एक "मजबूत नेता" से अपेक्षित होती है।
पप्पू यादव के मुख्य आरोप
पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री के "तैयार रहने" वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी चिंताएं बहुत पहले जताई जानी चाहिए थीं। यादव ने कहा, "जो बातें पीएम मोदी आज कह रहे हैं, वे बहुत पहले कही जानी चाहिए थीं।" उन्होंने 'तैयार रहने' के आह्वान पर सवाल उठाते हुए पूछा, "क्या हमें उसी तरह हाथ खड़े कर देने चाहिए जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान हुआ था? चारों तरफ लोग समस्याओं का सामना कर रहे हैं।" सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की सतर्कता भरी बातें एक सशक्त प्रधानमंत्री की भाषा नहीं लगतीं।

लोकसभा में प्रधानमंत्री ने क्या कहा था?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए देश को भविष्य की चुनौतियों के लिए आगाह किया था। पीएम ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्थिति लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे देश ने कोरोना काल में एकजुटता दिखाई थी, वैसे ही अब भी सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों को अफवाहों से बचने की सलाह दी और कहा कि कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
ऊर्जा सुरक्षा और उर्वरक पर सरकार का रुख
प्रधानमंत्री मोदी आज राज्यसभा में भी पश्चिम एशिया संकट और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बयान दे सकते हैं। सोमवार को उन्होंने सदन को आश्वस्त किया था कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है। खाद (उर्वरक) के आयात को लेकर चिंताओं के बीच पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने कभी भी वैश्विक संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया है।