Edited By Radhika,Updated: 10 Feb, 2026 02:11 PM

लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है। हाल ही में विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटस सौंपा गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोकसभा के स्पीकर के...
No Confidence Motion against the Speaker: लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है। हाल ही में विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा गया है। इस नोटिस पर लगभग 118 सांसदों ने साइन कर दिए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोकसभा के स्पीकर के खिलाफ NO Confidence Motion क्यों लाया जाता है। डिटेल में जानते हैं इस सवाल के जवाब के बारे में-
क्यों और कैसे लाया जाता है यह प्रस्ताव?
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
- पक्षपात का आरोप: यदि सदस्यों को लगे कि स्पीकर किसी एक राजनीतिक दल का पक्ष ले रहे हैं।
- नियमों की अनदेखी: सदन की कार्यवाही के दौरान स्थापित संसदीय नियमों का पालन न करना।
- विपक्ष की आवाज दबाना: यदि विपक्षी सांसदों को पर्याप्त समय या बोलने का मौका न दिया जाए।

अध्यक्ष पद से हटाए जाने की प्रक्रिया
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत लोकसभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाया जा सकता है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. 14 दिनों का नोटिस: प्रस्ताव पेश करने से कम से कम 14 दिन पहले इसकी लिखित सूचना देना जरुरी है।
2. 50 सांसदों का समर्थन: इस प्रस्ताव को सदन में चर्चा के लिए स्वीकार किए जाने हेतु कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन जरूरी है।
3. बहुमत से फैसला: यदि सदन के तत्कालीन सदस्यों का Effective Majority इस प्रस्ताव को पारित कर देता है, तो अध्यक्ष को अपना पद छोड़ना पड़ता है।
प्रस्ताव के दौरान अध्यक्ष की भूमिका
दिलचस्प बात यह है कि जब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही हो, तो अध्यक्ष Chair पर नहीं बैठ सकते। वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं और बोल सकते हैं, लेकिन वे पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) की भूमिका नहीं निभा सकते।