Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Jan, 2026 03:06 PM

अगर आप इस गर्मी के सीजन के लिए नया एयर कंडीशनर (AC) खरीदने की योजना बना रहे हैं या घर के लिए तांबे (Copper) के बर्तन और बाथवेयर लेने की सोच रहे हैं तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। वैश्विक बाजार में तांबे की कीमतों में आई भारी...
नेशनल डेस्क। अगर आप इस गर्मी के सीजन के लिए नया एयर कंडीशनर (AC) खरीदने की योजना बना रहे हैं या घर के लिए तांबे (Copper) के बर्तन और बाथवेयर लेने की सोच रहे हैं तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। वैश्विक बाजार में तांबे की कीमतों में आई भारी उछाल का असर अब सीधे आपके घर के बजट पर पड़ने लगा है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे तांबे के दाम
आंकड़ों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे की कीमतें 12,000 डॉलर प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई हैं। यह साल 2009 के बाद से तांबे की कीमतों में होने वाली सबसे बड़ी सालाना बढ़ोतरी है।
भारतीय बाजार (MCX) का हाल:
-
कॉपर: एमसीएक्स (MCX) पर तांबे की कीमतें लगभग 1,300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं जो 6% से ज्यादा की तेजी दर्शाती हैं।
-
ब्रास (पीतल): तांबे के साथ-साथ पीतल की कीमतों में भी 15-18% का उछाल देखा जा रहा है।
AC की कीमतों पर कैसे पड़ेगा असर?
एक एयर कंडीशनर को बनाने में तांबे के पाइप और कॉइल्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। तांबा महंगा होने से कंपनियों की निर्माण लागत (Input Cost) में 8-10% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा नए एनर्जी स्टार रेटिंग (Energy Table) बदलावों के कारण कुल लागत और बढ़ गई है। कंपनियां इस बढ़े हुए बोझ को अब ग्राहकों पर डाल रही हैं जिससे नए AC की कीमतों में 7-8% की सीधी बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? (प्रमुख कारण)
विशेषज्ञों के अनुसार, तांबे और एल्युमीनियम जैसी औद्योगिक धातुओं (Industrial Metals) के महंगा होने के पीछे कई वैश्विक कारण हैं:
-
चीन की ग्रोथ: चीन में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से औद्योगिक मांग बढ़ गई है।
-
कमजोर डॉलर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से धातुओं में निवेश बढ़ गया है।
-
सप्लाई चेन में बाधा: दुनिया के कई हिस्सों में माइनिंग और सप्लाई में रुकावटें आई हैं।
-
AI और टेक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स के निर्माण में तांबे की भारी मांग ने कीमतों को और हवा दी है।