Edited By Radhika,Updated: 19 Mar, 2026 06:07 PM

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोन पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका क्षेत्रीय और...
नेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोन पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर बुरा असर पड़ सकता है।
मैक्रों के साथ रणनीतिक बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों को अपना 'प्रिय मित्र' बताया। उन्होंने लिखा "मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई। हमने तनाव कम करने (De-escalation) और संवाद व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा की। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ समन्वय जारी रखेंगे।"

ओमान के सुल्तान से भी हुई चर्चा
मैक्रों से पहले पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सैद से भी लंबी बात की। इस दौरान उन्होंने सुल्तान और ओमान की जनता को ईद की शुभकामनाएं दीं। संप्रभुता की रक्षा पर बात करते हुए ओमान की क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की और तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के सहयोग की सराहना की।
Strait of Hormuz पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के माध्यम से सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बता दें कि ईरान द्वारा इस जलमार्ग को बंद किए जाने की धमकियों से वैश्विक ऊर्जा बाजार और आर्थिक स्थिरता पर संकट मंडरा रहा है।