Cancer Awareness : इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों के ज्यादा रहता है पेट के कैंसर का खतरा, स्टडी में मिला संकेत

Edited By Updated: 15 Feb, 2026 06:14 PM

people with this blood group are at higher risk of stomach cancer study suggests

हालिया शोधों में संकेत मिला है कि कुछ ब्लड ग्रुप्स में पेट और पैंक्रियाज कैंसर का खतरा अलग-अलग हो सकता है। ब्लड ग्रुप A और AB वालों में गैस्ट्रिक और पैंक्रियाटिक कैंसर का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक पाया गया, जबकि O ग्रुप में खतरा कम देखा गया। हालांकि...

नेशनल डेस्क :  आजकल कैंसर के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आम तौर पर हम धूम्रपान, खराब खानपान, प्रदूषण, मोटापा और आनुवंशिक कारणों को कैंसर के लिए जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन हाल के कुछ मेडिकल अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि ब्लड ग्रुप भी कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम से जुड़ा हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि ब्लड ग्रुप अकेला कारण नहीं है, बल्कि यह कई कारकों में से एक हो सकता है।

गैस्ट्रिक (पेट) कैंसर और ब्लड ग्रुप

अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि पेट के कैंसर का खतरा अलग-अलग ब्लड ग्रुप में अलग हो सकता है।

  • ब्लड ग्रुप A वालों में गैस्ट्रिक कैंसर का जोखिम, ब्लड ग्रुप O की तुलना में लगभग 13–19% अधिक पाया गया।
  • ब्लड ग्रुप AB में यह जोखिम करीब 18% तक बताया गया।
  • ब्लड ग्रुप O में अपेक्षाकृत कम जोखिम देखा गया।

गैस्ट्रिक कैंसर पेट की अंदरूनी परत की कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने से होता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए अक्सर इसका पता देर से चलता है।

यह भी पढ़ें - नहीं खानी पड़ेगी अब दवा... दिल के डाॅक्टर ने बताया High BP को कंट्रोल करने के 6 तरीके

पैंक्रियाटिक (अग्न्याशय) कैंसर का संबंध

कुछ बड़े स्वास्थ्य अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि पैंक्रियाज के कैंसर में भी ब्लड ग्रुप की भूमिका हो सकती है।

  • ब्लड ग्रुप A में पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा लगभग 32% अधिक बताया गया।
  • ब्लड ग्रुप AB में यह जोखिम 50% से अधिक तक देखा गया।
  • वहीं ब्लड ग्रुप O में कुल कैंसर का खतरा लगभग 16% कम पाया गया।

हालांकि विशेषज्ञ यह स्पष्ट करते हैं कि ये आंकड़े 'जोखिम की संभावना' दर्शाते हैं, न कि यह कि उस ब्लड ग्रुप वाले हर व्यक्ति को कैंसर होगा।

हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori) नामक बैक्टीरिया का संक्रमण अधिक देखा गया है। यह बैक्टीरिया पेट के कैंसर से जुड़ा माना जाता है। कुछ मामलों में यह भी पाया गया कि इस बैक्टीरिया की मौजूदगी ब्लड ग्रुप AB में जोखिम को और बढ़ा सकती है। हालांकि संक्रमण न होने पर भी कुछ जोखिम बना रह सकता है।

सिर्फ ब्लड ग्रुप जिम्मेदार नहीं

डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड ग्रुप को कैंसर का सीधा कारण मानना सही नहीं है। कई अन्य कारक भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे:

  • शरीर में लंबे समय तक सूजन
  • इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया
  • कोशिकाओं के बीच संपर्क (Cell interaction)
  • पेट में एसिड का स्तर
  • तंबाकू और शराब का सेवन
  • मोटापा और खराब खानपान
  • प्रदूषण और पर्यावरणीय कारण

इसलिए केवल ब्लड ग्रुप के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है।

बचाव के लिए क्या करें?

चाहे आपका ब्लड ग्रुप A, B, AB या O हो, स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  • ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल करें
  • नियमित व्यायाम करें
  • तंबाकू और शराब से दूरी रखें
  • समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं

जागरूकता और सही जानकारी ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचने का सबसे मजबूत हथियार है। स्वस्थ आदतें अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!