Ayushman Card: हर बीमारी फ्री नहीं! आयुष्मान भारत में क्या है कवर, क्या नहीं, देखें पूरी List

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 09:06 AM

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आयुष्मान भारत (PM-JAY) ने करोड़ों लोगों के लिए अस्पताल के भारी-भरकम बिलों की चिंता तो खत्म कर दी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह जादुई कार्ड हर मर्ज की दवा नहीं है? अक्सर लोग अस्पताल पहुंचने के बाद हैरान रह जाते हैं जब उन्हें पता चलता है कि कुछ...

नेशनल डेस्क: आयुष्मान भारत (PM-JAY) ने करोड़ों लोगों के लिए अस्पताल के भारी-भरकम बिलों की चिंता तो खत्म कर दी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह जादुई कार्ड हर मर्ज की दवा नहीं है? अक्सर लोग अस्पताल पहुंचने के बाद हैरान रह जाते हैं जब उन्हें पता चलता है कि कुछ खास खर्चों के लिए उन्हें अपनी जेब ही ढीली करनी होगी। सरकारी खजाने से 5 लाख तक का सहारा मिलने के बावजूद, इस योजना की अपनी लक्ष्मण रेखाएं हैं जिन्हें समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।

कहां काम नहीं आता आपका आयुष्मान कार्ड?
सबसे बड़ी गलतफहमी ओपीडी (OPD) को लेकर है। अगर आप सिर्फ डॉक्टर से मशविरा करने या छोटी-मोटी दवा लिखवाने अस्पताल जा रहे हैं, तो कार्ड जेब में ही रखें क्योंकि यह लाभ केवल भर्ती होने पर ही मिलता है। इसी तरह, अपनी खूबसूरती निखारने के लिए कराई जाने वाली सर्जरी या हेयर ट्रांसप्लांट जैसे कॉस्मेटिक काम इस योजना का हिस्सा नहीं हैं। अगर कोई संतान प्राप्ति के लिए आईवीएफ (IVF) या फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की मदद लेना चाहता है, तो उसे भी खुद ही खर्च उठाना होगा। इसके अलावा, नशे की लत छुड़ाने का इलाज, चश्मा बनवाने या कान की मशीन खरीदने जैसे खर्चों पर भी यह कार्ड 'मौन' रहता है।

दवाइयों और अंगों के ट्रांसप्लांट का पेच
organ transplant जैसे बेहद महंगे और जटिल ऑपरेशन हर राज्य में इस योजना के तहत नहीं आते, इसके नियम थोड़े उलझे हुए हैं। वहीं, दवाइयों का गणित भी समझना जरूरी है। अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले और छुट्टी मिलने के 15 दिन बाद तक की दवाएं तो मुफ्त मिलेंगी, लेकिन उसके बाद का खर्च आपकी अपनी जिम्मेदारी होगी।

राहत की बात: क्या है इस कार्ड की असली ताकत?
इन पाबंदियों के बीच अच्छी खबर यह है कि कैंसर, दिल की सर्जरी और किडनी जैसी जानलेवा बीमारियों के लिए यह कार्ड किसी वरदान से कम नहीं है। सबसे खास बात यह है कि प्राइवेट बीमा कंपनियों की तरह यह आपको सालों का इंतजार नहीं कराता, आपकी पुरानी बीमारियां पहले ही दिन से कवर हो जाती हैं। अब तो सरकार ने उम्र की दीवार भी गिरा दी है—70 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग को, चाहे वह अमीर हो या गरीब, 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का अलग सुरक्षा कवच दिया जा रहा है।

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