Edited By Radhika,Updated: 01 Jan, 2026 12:49 PM

नए साल के मौके पर प्रेमानंद महाराज ने लोगों को जीवन बदलने वाला संदेश दिया है। नए साल के मौके पर उन्होंने एक भक्त के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि साल का पहला दिन हमारे पूरे साल की मानसिकता और कर्मों की नींव रखता है।
New Year 2026: नए साल के मौके पर प्रेमानंद महाराज ने लोगों को जीवन बदलने वाला संदेश दिया है। नए साल के मौके पर उन्होंने एक भक्त के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि साल का पहला दिन हमारे पूरे साल की मानसिकता और कर्मों की नींव रखता है।
महाराज जी के अनुसार नए साल का जश्न शोर-शराबे में नहीं, बल्कि 'सेवा' में छिपा है। उन्होंने सुझाव दिया कि 1 जनवरी को सुबह उठकर सबसे पहले गौ सेवा (गाय को हरा चारा खिलाना) और पक्षी सेवा (छत पर दाना-पानी रखना) करनी चाहिए। शास्त्रों में इन बेजुबान जीवों की सेवा को महान पुण्य माना गया है, जो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
'राक्षसी' नहीं, 'मानवीय' आचरण अपनाएं
आजकल नए साल के जश्न के नाम पर नशा और अनैतिकता का चलन बढ़ा है। इस पर महाराज जी ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, "मदिरा पान (शराब पीना) और मांस भक्षण राक्षसी स्वभाव के प्रतीक हैं। यदि आप मनुष्य होकर राक्षसी कर्म करेंगे, तो जीवन में शांति की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?" उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची खुशी परमात्मा की भक्ति और सात्विक जीवन में है, न कि किसी नशे या तामसी पार्टियों में।

सात्विक भोजन और परिवार के साथ समय बिताएं
महाराज जी ने जोर दिया कि नए साल के पहले दिन घर का वातावरण आध्यात्मिक और सात्विक होना चाहिए।
-
पारिवारिक एकजुटता: परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर सात्विक भोजन करें।
-
दान का महत्व: यदि आप सामर्थ्यवान हैं, तो पहले दिन गरीबों और भूखों को भोजन कराएं। यह 'अन्न दान' आपके घर की बरकत को साल भर बनाए रखेगा।
-
नाम कीर्तन: घर में घी का दीपक जलाएं और कुछ समय भगवान के नाम का जाप या कीर्तन जरूर करें।
भक्तों को दी ये सलाह
महाराज जी ने भक्तों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी कि नए साल पर कम से कम एक बुराई को छोड़ने और एक अच्छाई को अपनाने का संकल्प लें। चाहे वह क्रोध छोड़ना हो, झूठ बोलना बंद करना हो या किसी की निंदा न करना—यह छोटा सा संकल्प आपके पूरे साल को 'शुभ' बना देगा।