Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Jan, 2026 11:25 AM

भारतीय रेलवे ने मुसाफिरों के सफर को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम रेलवे की सुरक्षा और तकनीक को आधुनिक बनाने के लिए करीब 484 करोड़ रुपये की दो बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। इस निवेश का मुख्य...
नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे ने मुसाफिरों के सफर को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम रेलवे की सुरक्षा और तकनीक को आधुनिक बनाने के लिए करीब 484 करोड़ रुपये की दो बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। इस निवेश का मुख्य मकसद ट्रेनों को आपस में टकराने से रोकना और इंजनों को नई तकनीक से लैस करना है।
इस योजना के तहत गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले उधना-जलगांव रेल मार्ग पर 'कवच' (KAVACH) नाम का सुरक्षा सिस्टम लगाया जाएगा। 307 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर करीब 110 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 'कवच' एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो दो ट्रेनों को आमने-सामने की टक्कर से बचाती है। इससे न केवल यात्रियों की जान सुरक्षित रहेगी, बल्कि ट्रेनों के संचालन में भी आसानी होगी।
इसके साथ ही, रेल विभाग ने पश्चिम रेलवे के 436 इंजनों (लोकोमोटिव) को भी अपग्रेड करने का फैसला लिया है। इन इंजनों में नई तकनीक और जरूरी सॉफ्टवेयर डालने के लिए लगभग 374 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह पूरा काम रेलवे के उस बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसके लिए सरकार ने पूरे देश में सुरक्षा तंत्र मजबूत करने हेतु 27,693 करोड़ रुपये का बजट रखा है। अकेले पश्चिम रेलवे के विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए इसमें से 2,800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।