Edited By Anu Malhotra,Updated: 23 Mar, 2026 04:25 PM

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बड़ी खुशियां लेकर आ सकता है। साल 2026 सरकारी गलियारों में वेतन क्रांति का साल साबित होने वाला है। नवंबर 2025 में 8th Pay Commission के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) के ऐलान के साथ ही अब सबकी...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बड़ी खुशियां लेकर आ सकता है। साल 2026 सरकारी गलियारों में वेतन क्रांति का साल साबित होने वाला है। नवंबर 2025 में 8th Pay Commission के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) के ऐलान के साथ ही अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जेब में कितनी बढ़ोतरी होगी और बकाया पैसा (arrears) कब तक खाते में आएगा।
क्या पहली जनवरी से ही लागू होगा New Pay Scale?
भले ही वेतन आयोग को अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करने के लिए डेढ़ साल का समय मिला हो, लेकिन कर्मचारी संगठनों का रुख साफ है। उनकी मांग है कि नए वेतनमान को 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाए। अगर हम पुराने रिकॉर्ड्स को देखें, तो सरकार का पैटर्न भी यही रहा है। 6ठें और 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने में भले ही समय लगा था, लेकिन सरकार ने उन्हें पिछली तारीख से ही लागू किया था। इसलिए इस बार भी पूरी उम्मीद है कि कर्मचारियों को नए साल 2026 की शुरुआत से ही बढ़े हुए वेतन का हक मिलेगा।
देरी हुई तो बरसेगा Arrears का पैसा
अगर सरकार को सिफारिशें लागू करने में कुछ महीनों या साल भर की देरी होती है, तो यह कर्मचारियों के लिए घाटे का सौदा नहीं होगा। नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से लेकर वास्तविक भुगतान शुरू होने तक के बीच के समय का पूरा पैसा 'एरियर' के रूप में एकमुश्त दिया जाएगा। कर्मचारी यूनियनें लगातार इस बात पर जोर दे रही हैं कि देरी की सूरत में सरकार को पाई-पाई का हिसाब चुकता करना होगा।
फिटमेंट फैक्टर: 18 हजार वाली बेसिक सैलरी अब होगी 30 हजार के पार?
सैलरी में सबसे बड़ा उछाल 'fitment factor' से आता है। फिलहाल कर्मचारी संगठनों ने महंगाई के स्तर को देखते हुए इसे 3.0 से लेकर 3.25 तक रखने का सुझाव दिया है। अगर सरकार इस फॉर्मूले को हरी झंडी दिखा देती है, तो Minimum Wage की सीमा में भारी बदलाव आएगा। जो बेसिक सैलरी अभी ₹18,000 है, वह सीधा उछलकर ₹26,000 से ₹30,000 के दायरे में पहुंच सकती है। इससे न केवल मासिक वेतन बढ़ेगा, बल्कि भत्तों में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा।
पेंशन और OPS पर भी टिकी हैं नजरें
वेतन के अलावा इस बार की सबसे बड़ी जंग पेंशन को लेकर है। कर्मचारी साफ तौर पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली चाहते हैं। इसके साथ ही NPS और नई Unified Pension Scheme (UPS) की कमियों को दूर करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। पेंशनभोगी चाहते हैं कि उनके पेंशन कम्यूटेशन की 15 साल वाली अवधि को घटाकर 10-12 साल किया जाए, ताकि बुजुर्गों को समय रहते आर्थिक राहत मिल सके।