Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Mar, 2026 11:37 AM

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक्टिव होने के कारण अगले चार दिनों में बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की...
नेशनल डेस्क: मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है और सूरज के तेवरों ने 50 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। दिल्ली से लेकर गुजरात तक लोग पसीने से तरबतर हैं और कूलर-एसी अभी से जवाब देने लगे हैं। पिछले दस दिनों में राजधानी का पारा सामान्य से 7 डिग्री ऊपर जा चुका है, जिससे न केवल दिन बल्कि रातें भी बेचैन करने वाली हो गई हैं। लेकिन तपती दुपहरी के बीच मौसम विभाग ने एक ऐसी खबर दी है, जो झुलसते चेहरों पर थोड़ी मुस्कान ला सकती है। अगले कुछ घंटों में उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक कुदरत का मिजाज बदलने वाला है। बिहार से बंगाल तक 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान के साथ बारिश की भी संभवाना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक्टिव होने के कारण अगले चार दिनों में बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का कहर रह सकता है, वहीं कुछ इलाकों में बर्फबारी की भी चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली की दहलीज पर दस्तक देता नया सिस्टम
दिल्ली-एनसीआर में भले ही अभी सूरज आग उगल रहा हो और पारा 36 डिग्री के पार जाने की तैयारी में हो, लेकिन राहत की उम्मीद खत्म नहीं हुई है। हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहे एक नए 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' की वजह से आने वाले वीकेंड पर मौसम करवट ले सकता है। जानकारों का कहना है कि 14 से 16 मार्च के बीच आसमान में बादलों का डेरा होगा, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है। हालांकि ठंड की उम्मीद तो नहीं है, लेकिन लू के थपेड़ों से कुछ समय के लिए ब्रेक जरूर मिल जाएगा।
मुंबई और गुजरात: मार्च में ही जून जैसा अहसास
देश के पश्चिमी हिस्सों का हाल और भी बुरा है। मुंबई में तो मार्च के पहले ही हफ्ते में हीटवेव ने दस्तक दे दी थी, जहां पारा 40 डिग्री को छू गया है। आमतौर पर इतनी भीषण गर्मी मार्च के अंत में पड़ती है, लेकिन इस बार समंदर किनारे बसे इस शहर ने 15 सालों का रिकॉर्ड खतरे में डाल दिया है। गुजरात के भी कई जिलों में सूरज के तेवर तीखे बने हुए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
12 राज्यों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट
एक तरफ जहां मैदान तप रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ 12 राज्यों में कुदरत का 'रौद्र रूप' दिखने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लेकर पाकिस्तान तक बने चक्रवातीय सिस्टम की वजह से 12 से 16 मार्च के बीच भारी उथल-पुथल हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और बारिश का दौर शुरू होने वाला है। वहीं पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर और मध्य भारत में भी मचेगी हलचल
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी 15 से 17 मार्च के बीच मौसम बिगड़ने के आसार हैं। पहाड़ों पर होने वाली इस हलचल का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा, जिससे अगले हफ्ते तक गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।