Edited By Anu Malhotra,Updated: 13 Feb, 2026 05:06 PM

आज के दौर में जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, आम आदमी के लिए नया सोना खरीदना भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन घर में रखा पुराना सोना मुश्किल समय में एक बड़े वित्तीय कवच के रूप में उभर रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी में अचानक आने वाले अप्रत्याशित...
नेशनल डेस्क: आज के दौर में जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, आम आदमी के लिए नया सोना खरीदना भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन घर में रखा पुराना सोना मुश्किल समय में एक बड़े वित्तीय कवच के रूप में उभर रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी में अचानक आने वाले अप्रत्याशित खर्चों के लिए गोल्ड लोन एक रक्षक की भूमिका निभाता है। यह न केवल पर्सनल लोन के मुकाबले सस्ता है, बल्कि बहुत कम समय में आपको बड़ी नकदी उपलब्ध करा देता है। हालांकि, बैंक में सोना जमा कर कर्ज लेने से पहले इसके तकनीकी पहलुओं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
कितना मिलता है लोन? (LTV का गणित)
जब आप बैंक में गोल्ड बार या गहने जमा करते हैं, तो बैंक उसकी कुल कीमत का एक निश्चित हिस्सा ही कर्ज के रूप में देता है। इसे लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात कहा जाता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, 2.5 लाख रुपये तक के छोटे ऋणों पर बैंक सोने की कीमत का 85 प्रतिशत तक लोन दे रहे हैं। वहीं, 2.5 लाख से 5 लाख रुपये के बीच की राशि के लिए यह सीमा 80 प्रतिशत और इससे अधिक के लोन के लिए 75 प्रतिशत तक सीमित है। उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास 10 ग्राम 22 कैरेट सोना है जिसकी बाजार कीमत 1.40 लाख रुपये है, तो 85% LTV के हिसाब से आप लगभग 1.19 लाख रुपये का लोन प्राप्त कर सकते हैं।
ब्याज दरें और प्रमुख बैंकों के ऑफर्स
गोल्ड लोन का सबसे आकर्षक पहलू इसकी कम ब्याज दरें हैं। देश के प्रमुख बैंक जैसे एसबीआई (SBI), एचडीएफसी (HDFC) और आईसीआईसीआई (ICICI) आमतौर पर 8.5% से 12% के बीच ब्याज वसूलते हैं। भारतीय स्टेट बैंक में ब्याज दरें 8.70% से शुरू होती हैं। इसके विपरीत, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) थोड़ी अधिक ब्याज दरें वसूलती हैं, जो 9.5% से 18% तक जा सकती हैं। पर्सनल लोन की तुलना में यह विकल्प काफी किफायती साबित होता है।
भुगतान के विकल्प: EMI से लेकर बुलेट पेमेंट तक
बैंकों ने ग्राहकों की सुविधा के लिए गोल्ड लोन चुकाने के कई लचीले तरीके दिए हैं। आप इसे मासिक किस्तों (EMI) के रूप में चुका सकते हैं या फिर हर महीने केवल ब्याज का भुगतान कर सकते हैं। एक विशेष सुविधा 'बुलेट पेमेंट' की भी है, जिसमें ग्राहक साल के अंत में एक साथ ब्याज और मूलधन चुका सकता है (यह सुविधा आमतौर पर 1 लाख रुपये से कम के लोन पर उपलब्ध है)। 12 महीने बाद आप अपने लोन को नवीनीकृत (Renew) भी करा सकते हैं। इसके अलावा, कुछ बैंक 'ओवरड्राफ्ट' की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
एक वित्तीय उदाहरण: यदि आप 1 लाख रुपये का लोन 8.7% ब्याज दर पर 12 महीने के लिए लेते हैं, तो आपकी मासिक EMI लगभग 7,000 रुपये के आसपास होगी। वहीं, यदि आप केवल मासिक ब्याज चुकाने का विकल्प चुनते हैं, तो आपको हर महीने लगभग 850 रुपये देने होंगे।
सावधानियां और बैंक की प्रक्रिया
लोन देने से पहले बैंक सोने की शुद्धता और वजन की बारीकी से जांच करते हैं। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपके गहनों में पत्थर, मोती या अन्य धातुएं जड़ी हैं, तो बैंक उनका वजन घटाकर केवल शुद्ध सोने की मात्रा पर ही लोन देता है। आवेदन के समय मामूली प्रोसेसिंग फीस भी ली जाती है। सबसे जरूरी चेतावनी यह है कि गोल्ड लोन लेते समय अपनी पुनर्भुगतान क्षमता का ध्यान जरूर रखें। यदि आप समय पर लोन नहीं चुका पाते हैं, तो बैंक को आपके सोने की नीलामी करने का कानूनी अधिकार होता है।