Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 Feb, 2026 02:50 PM

सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोना-चांदी के आयात पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी की गणना से जुड़े बेस इंपोर्ट प्राइस में कटौती की है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट...
नेशनल डेस्क: सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोना-चांदी के आयात पर लगने वाली import duty की गणना से जुड़े base import price में कटौती की है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) द्वारा जारी ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस फैसले का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों के असर को घरेलू बाजार में कम करना है।
Import Duty की नई दरें और सरकारी बदलाव
केंद्र सरकार ने सोने के लिए आधार आयात मूल्य में लगभग 50 डॉलर की कमी की है, जिसके बाद अब यह 1518 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। चांदी के मामले में यह कटौती और भी बड़ी है, जहां इसकी कीमत में 800 डॉलर से अधिक की कमी करते हुए इसे 2657 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। सरकार की यह नई दरें विदेशों से मंगवाए जाने वाले सोने और चांदी के विभिन्न रूपों पर लागू होंगी, जिससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इन चीजों पर मिलेगा कटौती का फायदा
टैक्स में की गई यह कटौती मुख्य रूप से High Purity वाले सोने के बिस्कुट (बार), सिक्कों और चांदी के बुलियन पर प्रभावी होगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि बाहर से मंगवाई जाने वाली बनी-बनाई ज्वेलरी, कीमती धातुओं के अन्य सामान या कूरियर और सामान (बैगेज) के जरिए आने वाली वस्तुओं पर यह राहत लागू नहीं होगी। सरकार सामान्य तौर पर हर 15 दिनों में इन कीमतों की समीक्षा करती है और पिछला बदलाव जनवरी के अंतिम सप्ताह में किया गया था।
लंबे समय से की जा रही थी मांग
देश के आभूषण निर्यातकों और व्यापारियों के संगठन (GJEPC) ने सरकार से बजट के दौरान सोना, चांदी और प्लेटिनम पर टैक्स घटाकर 4 प्रतिशत करने की गुहार लगाई थी। व्यापारियों का मानना था कि भारी टैक्स के कारण घरेलू बाजार में व्यापार करना कठिन हो रहा था। इस ताजा फैसले को उसी मांग की पूर्ति की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
भारत में सोने-चांदी की खपत और भविष्य
भारत वैश्विक स्तर पर चांदी का सबसे बड़ा खरीदार है और सोने की खपत के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है। हम अपनी जरूरतों का लगभग पूरा सोना और 80 प्रतिशत से ज्यादा चांदी विदेशों से ही मंगवाते हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि Tax में इस कटौती के बाद आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 तक खुदरा बिक्री में 5 से 7 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है।