सरकार का Meta को निर्देश, कंटेंट मॉडरेशन मजबूत करने और डीपफेक पर रोक के लिए मांगा रोडमैप

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 07:23 PM

roadmap sought to strengthen content moderation and curb deepfakes

सरकारी सूत्रों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था मजबूत करने और प्रोपेगैंडा, डीपफेक तथा गैर-कानूनी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए विस्तृत अनुपालन...

नेशनल डेस्क : सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था मजबूत करने और प्रोपेगैंडा, डीपफेक तथा गैर-कानूनी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए विस्तृत अनुपालन रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और Meta के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में दिए गए। बैठक के दौरान कंपनी की तकनीकी टीम ने अधिकारियों के सामने हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से निपटने के लिए मौजूदा सिस्टम और उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

सरकार ने Meta से अपने रिकमेंडेशन और अन्य एल्गोरिदम में जरूरी बदलाव करने को कहा है, ताकि प्रोपेगैंडा, डीपफेक और अन्य हेरफेर की गई या गैर-कानूनी सामग्री के तेजी से प्रसार को सीमित किया जा सके।

डेटा लोकलाइजेशन और कंटेंट हटाने की प्रक्रिया पर जोर

अधिकारियों ने Meta को भारत की डेटा लोकलाइजेशन संबंधी आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा, अधिकृत सरकारी एजेंसियों द्वारा चिन्हित गैर-कानूनी या हानिकारक सामग्री को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।

सरकार ने कंपनी से विभिन्न सरकारी विभागों की क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRTs) के साथ बेहतर तालमेल बनाने को भी कहा है। इसका उद्देश्य डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड तस्वीरों और अन्य भ्रामक सामग्री की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द हटाना है।

Meta के एल्गोरिदम को लेकर हुई चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में Meta के रिकमेंडेशन एल्गोरिदम में मौजूद कथित कमियों और भारतीय कानूनों के अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक Meta द्वारा MeitY के साथ बातचीत में अपने एल्गोरिदम सिस्टम से जुड़ी कुछ कमियों को स्वीकार किए जाने के कुछ घंटे बाद हुई। माना जा रहा है कि कंपनी की ग्लोबल तकनीकी टीम आगे की बातचीत के लिए भारत में रह सकती है। सरकार की चिंताओं को दूर करने के लिए आने वाले दिनों में और बैठकें होने की संभावना है।

AI के दुरुपयोग को लेकर बढ़ी चिंता

बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही मजबूत करने और Meta तथा सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भ्रामक और हेरफेर की गई सामग्री तैयार किए जाने को लेकर चिंता जताई गई।

सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय तकनीकी सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए। साथ ही, उन्हें कानूनी और नियामकीय आवश्यकताओं का समय पर पालन भी सुनिश्चित करना चाहिए।

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