Edited By Radhika,Updated: 07 Jan, 2026 03:35 PM

लालू यादव की बेटी Rohini Acharya एक बार फिर से चर्चा में आई हैं। उन्होंने उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है। गिरधारी लाल ने यह बयान बिहार की बेटियों के स्वाभिमान को लेकर दिया था।...
नेशनल डेस्क: लालू यादव की बेटी Rohini Acharya एक बार फिर से चर्चा में आई हैं। उन्होंने उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है। गिरधारी लाल ने यह बयान बिहार की बेटियों के स्वाभिमान को लेकर दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि बेटियों की 'कीमत' और 'बोली' लगाने जैसी मानसिकता यह बताती है कि हमारे समाज को अभी भी बड़े बदलाव की जरूरत है।
बेशकीमती होती हैं बेटियां, उनकी बोली नहीं लग सकती
रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा कि बेटियों के प्रति ऐसी गलत मानसिकता को खत्म किए बिना 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारे पूरी तरह से अर्थहीन हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग बेटियों और बहनों का तिरस्कार करते हैं, उनका समाज को पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए। हर व्यक्ति को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बेटियों के सम्मान में खड़ा होना चाहिए। अपमानजनक बयान देने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए। रोहिणी ने बेटियों को दृढ़ निश्चय, त्याग और सफलता की मिसाल बताते हुए कहा कि वे 'बेशकीमती' हैं और उनकी गरिमा को पैसों में नहीं तौला जा सकता।

क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद एक वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ, जिसमें उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू अल्मोड़ा के एक कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि "बिहार में 20-25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं। जो कुंवारे हैं, उनके लिए हम बिहार से लड़कियां लेकर आएंगे।"
यह बयान कथित तौर पर 23 दिसंबर 2025 को दिया गया था, जिसके बाद से ही बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग की है।