Edited By Radhika,Updated: 25 Jun, 2026 01:51 PM

लखनऊ से बीते दिनों एक भयानक अग्निकांड की घटना सामने आई है। इस हादसे को लेकर दिल्ली सरकार भी राजधानी में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट हो गई है। दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को...
नेशनल डेस्क: लखनऊ से बीते दिनों एक भयानक अग्निकांड की घटना सामने आई है। इस हादसे को लेकर दिल्ली सरकार भी राजधानी में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट हो गई है। दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को दिल्ली के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक नियमों की समीक्षा के लिए एक हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में उन्होंने साफ किया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी तरह का समझौता सहन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा नियमों की अनदेखी करने वाले इंस्टीट्यूट पर सख्त कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने जताई चिंता
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों और बुनियादी ढांचे की कमियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की कोताही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।" इस बैठक में गृह विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), शहरी विकास विभाग और उच्च शिक्षा निदेशालय के आला अधिकारी शामिल हुए।
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प्रमुख कोचिंग हब्स में चलेगा विशेष जांच अभियान
शिक्षा मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीए, एमसीडी, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि दिल्ली प्रमुख नगरों में जल्द से जल्द चैंकिंग अभियान शुरु किया जाए। इस जांच अभियान के तहत अग्नि सुरक्षा मानकों, बिल्डिंग बायलॉज और अन्य जरूरी सुरक्षा नियमों की कड़ाई से जांच की जाएगी। एमसीडी द्वारा सर्वे किए गए 923 कोचिंग संस्थानों की सूची इस जांच दल को सौंपी जाएगी, ताकि कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सके।
लापरवाही बरतने वालों पर कसा जाएगा कड़ा शिकंजा
आशीष सूद ने सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो भी संस्थान नियमों के खिलाफ चल रहे हैं या फिर सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें तुरंत बंद करने या उन पर कड़ी कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। दूसरी ओर कोचिंग सेंटरों की मनमानी और सुरक्षा चूकों को रोकने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय एक नया और मजबूत नियामक ढांचा (Regulatory Framework) तैयार कर रहा है। इस नए कानून या नीति का उद्देश्य व्यवस्था की कमियों को दूर करना, जवाबदेही तय करना और कोचिंग सेंटरों के संचालन में पारदर्शिता लाना है। निदेशालय जल्द ही इस नए प्रारूप को सरकार के सामने पेश करेगा।