Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 17 Mar, 2026 05:43 PM

भारत सरकार की साहित्यिक संस्था Sahitya Akademi ने वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी है।
नेशनल डेस्क: भारत सरकार की साहित्यिक संस्था Sahitya Akademi ने वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। संस्कृत भाषा वर्ग में यह सम्मान प्रसिद्ध विद्वान Swami Bhadreshdas को उनकी चर्चित कृति Prasthanacatustaye Brahmaghosah के लिए दिया गया है। यह कृति काव्य शैली में रचित है और संस्कृत साहित्य में इसे एक महत्वपूर्ण और उच्च कोटि की रचना माना जा रहा है।
दर्शन और काव्य का अनूठा संगम
‘प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोषः’ को विशेष इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसमें भारतीय दर्शन के प्रमुख ग्रंथों—Upanishads, Bhagavad Gita और Brahma Sutras—की शिक्षाओं का समावेश किया गया है। इसके साथ ही इसमें Vachanamrut के विचारों को जोड़ते हुए ‘ब्रह्म’ तत्व की गहन व्याख्या प्रस्तुत की गई है। विद्वानों के अनुसार, यह ग्रंथ साहित्यिक सौंदर्य और गहरे दार्शनिक चिंतन का बेहतरीन उदाहरण है।
गुरु मार्गदर्शन में तैयार हुई कृति
इस रचना को स्वामी भद्रेशदासजी ने 2018 में अपने गुरु Mahant Swami Maharaj के मार्गदर्शन में प्रकाशित किया था। यह ग्रंथ स्वामिनारायण दर्शन को एक साहित्यिक रूप में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है, जो पाठकों और शोधकर्ताओं के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।
संस्कृत जगत में खुशी की लहर
इस घोषणा के बाद संस्कृत भाषा और साहित्य से जुड़े विद्वानों और प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है। यह सम्मान न सिर्फ एक लेखक की उपलब्धि है, बल्कि यह संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता और जीवंतता को भी दर्शाता है। Sahitya Akademi हर साल देश की 24 भाषाओं में उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित करती है, जिससे भारतीय साहित्य की विविधता और समृद्धि को बढ़ावा मिलता है।