नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलावः पहली ट्रांसजेंडर महिला बनी सांसद, जानें संघर्ष से संसद तक की पूरी कहानी

Edited By Updated: 17 Mar, 2026 01:49 PM

bhumika shrestha becomes first transgender mp in nepal

नेपाल ने इतिहास रचते हुए पहली ट्रांसजेंडर महिला सांसद के रूप में भूमिका श्रेष्ठ को संसद भेजा है। कैलाश से भूमिका बनने तक उनका सफर संघर्ष, पहचान और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है। अब वे LGBTQ+ समुदाय सहित वंचित वर्गों की आवाज नीति-निर्माण स्तर पर...

International Desk:  नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव ने देश को पूरी दुनिया में सुर्खियों में ला दिया है। भूमिका श्रेष्ठ ने नेपाल की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। वे देश की पहली ट्रांसजेंडर महिला सांसद बनी हैं। जन्म के समय उनका नाम कैलाश था, लेकिन अपनी पहचान को स्वीकारते हुए उन्होंने जीवन की एक लंबी और संघर्षपूर्ण यात्रा तय की।

 

कैलाश से भूमिका बनने तक का सफर
1987 में काठमांडू में जन्मी भूमिका को बचपन से ही भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ा। परिवार, स्कूल और समाज में अस्वीकार्यता के कारण उन्हें 9वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। 2005 में उन्होंने ‘कैलाश श्रेष्ठ’ नाम से नागरिकता प्राप्त की, जिसमें उनका जेंडर ‘अन्य’ दर्ज था। बाद में उन्होंने अपनी पहचान को महिला के रूप में मान्यता दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी।

 

कानूनी पहचान की जीत
5 अप्रैल 2021 को नेपाल सरकार ने उनकी नागरिकता में संशोधन कर उन्हें ‘भूमिका श्रेष्ठ’ नाम और ‘महिला’ के रूप में मान्यता दी। यह फैसला नेपाल में ट्रांसजेंडर अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया। भूमिका लंबे समय से ब्लू डायमंड सोसाइटी के साथ जुड़कर LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों के लिए काम कर रही हैं। उनकी सक्रियता के चलते उन्हें वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली और उन्हें दुनिया के टॉप 100 युवाओं में शामिल किया गया। उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘भूमिका: तेस्रो लिंगीको आत्मकथा’ में अपने संघर्ष, पहचान और समाज की सच्चाई को सामने रखा है।

 

सांसद के रूप में नई जिम्मेदारी
अब संसद में पहुंचकर भूमिका लैंगिक और यौनिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को मजबूती देने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि संविधान में अधिकार देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें लागू करना ज्यादा जरूरी है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी संस्थानों में समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देना चाहती हैं।

 

राजनीति में नया संदेश
नेपाल की राजनीति में पहले भी LGBTQ प्रतिनिधित्व देखा गया है। सुनिल बाबु पंत एशिया के पहले खुले समलैंगिक सांसद रहे हैं। लेकिन भूमिका श्रेष्ठ पहली ट्रांसजेंडर महिला सांसद बनकर एक नई दिशा लेकर आई हैं। भूमिका का मानना है कि जब तक हाशिए पर खड़े लोग खुद फैसले लेने की जगह पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक वास्तविक बदलाव संभव नहीं है। वे सिर्फ LGBTQ समुदाय ही नहीं, बल्कि मधेसी, मुस्लिम, आदिवासी और दिव्यांग समुदायों की भी आवाज उठाने का संकल्प रखती हैं।
 
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!