Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Jan, 2026 06:33 PM

Shark Tank India के हालिया एपिसोड में गाजियाबाद के 13 साल के जयवर्धन त्यागी ने अपनी हेल्थटेक इनोवेशन के साथ सभी का ध्यान खींचा। जयवर्धन का स्टार्टअप Neurapex AI है, जो सामान्य फिटनेस ऐप या चैटबॉट नहीं बल्कि डॉक्टरों के लिए मेडिकल डेटा प्रोसेस करने...
नेशनल डेस्क: Shark Tank India के हालिया एपिसोड में गाजियाबाद के 13 साल के जयवर्धन त्यागी ने अपनी हेल्थटेक इनोवेशन के साथ सभी का ध्यान खींचा। जयवर्धन का स्टार्टअप Neurapex AI है, जो सामान्य फिटनेस ऐप या चैटबॉट नहीं बल्कि डॉक्टरों के लिए मेडिकल डेटा प्रोसेस करने वाला टूल है।साधारण शब्दों में, यह प्लेटफॉर्म MRI स्कैन, लैब रिपोर्ट और अन्य मेडिकल इमेजेज को पढ़कर पैटर्न पहचानने की कोशिश करता है। इसके बाद यह डॉक्टर को एक संरचित रिपोर्ट देता है, जिससे शुरुआती डायग्नोसिस करने और केस की प्राथमिकता तय करने में मदद मिल सकती है।
आज के समय में, बड़े अस्पतालों में रोज़ाना सैकड़ों में medical images आती हैं। इन्हें मैन्युअली पढ़ने में डॉक्टरों का काफी समय लग जाता है। इसी समस्या को हल करने के लिए दुनिया भर में AI आधारित रेडियोलॉजी टूल्स बनाए जा रहे हैं और Neurapex AI इसी दिशा में काम कर रहा है।
कैसे काम करता है Neurapex AI
टेक्निकल रूप से यह प्लेटफॉर्म इमेज रिकग्निशन मॉडल का इस्तेमाल करता है। यानी MRI या अन्य मेडिकल इमेज को पिक्सल स्तर पर पढ़कर पहले से ट्रेन किए गए डेटा से तुलना की जाती है। सिस्टम किसी संभावित असामान्यता को मार्क करता है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा डॉक्टर के हाथ में रहता है। इसका मतलब यह डॉक्टर को रिप्लेस नहीं करता, बल्कि निर्णय लेने में मदद करता है।
फंडिंग और निवेश
BoAt के फाउंडर अमन गुप्ता ने इस स्टार्टअप में 60 लाख रुपये निवेश किए हैं। इसके बदले उन्हें कंपनी की 5% इक्विटी दी गई है।
अगले कदम और चुनौतियां
Sharks ने टेक्नोलॉजी की दिशा को सही माना, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि क्लिनिकल वैलिडेशन और हॉस्पिटल इंटीग्रेशन अगले बड़े कदम होंगे। हेल्थकेयर में किसी भी AI टूल को तभी स्केल किया जा सकता है जब उसे डॉक्टर और मेडिकल रेगुलेटरी सिस्टम का अप्रूवल मिले। मौजूदा वर्जन अभी वेब-बेस्ड प्रोटोटाइप है। मेडिकल इमेज अपलोड कर के डेमो टेस्टिंग की जा सकती है, लेकिन आम लोग इसे सीधे इस्तेमाल नहीं कर सकते। भविष्य में कंपनी का लक्ष्य इसे हॉस्पिटल सिस्टम और डायग्नोस्टिक लैब्स के साथ जोड़ना है, ताकि डॉक्टर इसे अपने वर्कफ्लो में आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
चुनौतियां बड़ी हैं – डेटा सुरक्षा, मेडिकल प्राइवेसी, मॉडल की सटीकता और रेगुलेटरी कंप्लायंस – यही तय करेगा कि Neurapex AI सिर्फ टीवी शो तक सीमित रहेगा या असली अस्पतालों में भी अपनाया जाएगा।