Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Mar, 2026 03:43 PM

कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाए जाने और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में सुधार के चलते देश में दफ्तर में बैठकर काम करने वाले पेशेवरों (व्हाइट कॉलर) की नियुक्तियों में इस साल फरवरी में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को जारी...
मुंबईः कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाए जाने और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में सुधार के चलते देश में दफ्तर में बैठकर काम करने वाले पेशेवरों (व्हाइट कॉलर) की नियुक्तियों में इस साल फरवरी में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 'नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स' के अनुसार, व्हाइट-कॉलर नौकरियों के बाजार ने हाल के वर्षों में फरवरी महीने का अपना सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। इंडेक्स फरवरी, 2025 के 2,890 अंक के मुकाबले 12 प्रतिशत बढ़कर फरवरी, 2026 में 3,233 अंक पर पहुंच गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी की तुलना में फरवरी में नियुक्तियों की रफ्तार में 23 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जो सामान्य तौर पर देखी जाने वाली 13-16 प्रतिशत की वृद्धि से काफी अधिक है। फरवरी में आईटी क्षेत्र में नियुक्तियों में सालाना आधार पर छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इस क्षेत्र में नए लोगों (फ्रेशर्स) की भर्ती में आठ प्रतिशत का इजाफा हुआ। रिपोर्ट कहती है कि भारत स्थित बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनियां इसकी मुख्य चालक रहीं, जहां नियुक्तियों में 55 प्रतिशत का उछाल देखा गया। आईटी क्षेत्र के भीतर एआई/'मशीन लर्निंग' से जुड़ी नियुक्तियों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि फरवरी का प्रदर्शन उच्च-कौशल और उच्च-मूल्य वाले प्रतिभा क्षेत्रों पर केंद्रित रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, नए लोगों की भर्ती में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 20 लाख रुपए प्रति वर्ष से अधिक के वेतन पैकेज वाले पदों की मांग में 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वहीं, गैर-आईटी क्षेत्रों ने भी नियुक्ति की गति को बनाए रखा। इसमें बीमा क्षेत्र 28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद बीपीओ/आईटीईएस (22 प्रतिशत), रियल एस्टेट (19 प्रतिशत), आतिथ्य/यात्रा (15 प्रतिशत) और रिटेल या खुदरा (14 प्रतिशत) का स्थान रहा। बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) ने अपनी नियुक्तियों में 24 प्रतिशत का विस्तार किया।
आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) क्षेत्र में कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) से जुड़ी भूमिकाओं में तेजी का रुख बना रहा और इसमें सालाना आधार पर 49 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। 'नौकरी' के मुख्य कारोबार अधिकारी (सीबीओ) पवन गोयल ने कहा, "आईटी क्षेत्र में नियुक्तियों में सार्थक सुधार हो रहा है और भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियां एआई प्रतिभाओं पर निवेश कर रही हैं। नए वित्त वर्ष की ओर बढ़ते हुए यह सकारात्मक संकेत है।"