Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jun, 2026 02:41 PM

सूरज की सतह पर पिछले कुछ दिनों से जारी हलचल के बाद आज रात पृथ्वी एक बड़े खगोलीय बदलाव की गवाह बनने जा रही है। बीती 6 जून, 2026 को सूर्य से निकले एक बेहद शक्तिशाली सौर तूफान (मैग्नेटाइज्ड प्लाज्मा) का अरबों टन का बादल 1400 किलोमीटर प्रति सेकंड की...
नई दिल्ली: भारत के आसमान में कुछ अद्भुत होने वाला है। आज रात पृथ्वी से एक ज़बरदस्त सौर तूफ़ान टकराने वाला है। बीती 6 जून, 2026 को सूर्य से निकले एक बेहद शक्तिशाली सौर तूफान (magnetized plasma) का अरबों टन का बादल 1400 किलोमीटर प्रति सेकंड की तूफानी रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ा था। दो दिनों का लंबा सफर तय करने के बाद यह सौर तूफान आज रात हमारी धरती से टकराने वाला है।
अंतरराष्ट्रीय स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर (Space Weather Prediction Center) ने इसके लिए 'G3 श्रेणी' (तेज) का जियोमैग्नेटिक (भू-चुंबकीय) अलर्ट जारी किया है, जो कुछ समय के लिए और गंभीर (G4 श्रेणी) भी हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस सौर तूफान का सबसे चरम (Peak) समय आज रात 11:30 बजे से लेकर मंगलवार (9 जून) की सुबह 2:30 बजे तक रहेगा। इस खगोलीय घटना के कारण आज रात भारत के कुछ पहाड़ी इलाकों में आसमान जादुई रोशनी (अरोरा) से सराबोर हो सकता है।
भारत में भी दिखेगी Aurora
आमतौर पर हरे, लाल और बैंगनी रंग की ये चमकदार लहरें (जिन्हें नॉर्दर्न लाइट्स या अरोरा भी कहा जाता है) केवल पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रों (जैसे अलास्का, नॉर्वे या आइसलैंड) के पास ही दिखाई देती हैं। भारत भूमध्य रेखा के करीब होने के कारण इन ठंडे अक्षांशों से बहुत दूर है, इसलिए यहां का आसमान ऐसा नजारा देखने के लिए नहीं बना है। लेकिन जब सौर तूफान बहुत शक्तिशाली होता है, तो यह रोशनी दक्षिण की तरफ खिसक आती है। इससे पहले मई 2024 और फिर इसी साल 19 जनवरी 2026 को भारत के लद्दाख में ऐसा दुर्लभ नजारा देखा जा चुका है। आज रात आ रहा तूफान मई 2024 जितना शक्तिशाली तो नहीं है, लेकिन यह इतना बड़ा जरूर है कि भारत के पहाड़ों पर हल्की लाल या गुलाबी चमक बिखेर सके।
भारत के इन हिस्सों में है दिखने की उम्मीद
यदि आप आज रात इस अद्भुत नजारे को देखना चाहते हैं, तो देश के चुनिंदा पहाड़ी इलाकों में ही इसकी संभावना है:-
लद्दाख (हनले और नुब्रा घाटी): लद्दाख का 'हनले' (भारतीय खगोलीय वेधशाला) समुद्र तल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ का आसमान देश में सबसे साफ और अंधकारमय (Dark Sky) होता है। जनवरी 2026 में यहीं की कैमरों ने भारत में पहली बार लाल अरोरा को कैद किया था। आज रात भी यहाँ सबसे ज्यादा उम्मीद है। इसके अलावा नुब्रा घाटी और पैंगोंग त्सो में भी नजारा दिख सकता है।
कश्मीर और उत्तराखंड: कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी हिस्सों और उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में भी उत्तर दिशा की ओर क्षितिज (Horizon) पर हल्की लाल चमक दिखने की मामूली उम्मीद है।
बड़े शहरों के लोग इस नजारे को नहीं देख पाएंगे: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में रहने वाले लोग इस नजारे को नहीं देख पाएंगे। इन शहरों का अपना 'लाइट पॉल्यूशन' (कृत्रिम रोशनी) इतना ज्यादा है कि आसमान की यह कुदरती रोशनी वहां दिखाई ही नहीं देगी। इसके अलावा, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में मानसून की वजह से बादल छाए हुए हैं, जिससे आसमान पूरी तरह ढका रहेगा।
दुनिया के अन्य देशों में कैसा रहेगा नजारा?
भारत की तुलना में दुनिया के अन्य देशों में आज रात बहुत शानदार नजारा दिखने वाला है:
-अमेरिका के सिएटल, मिनियापोलिस और पूरे कनाडा (ओंटारियो, अलबर्टा) में यह साफ दिखाई देगा।
-स्कॉटलैंड, स्कैंडिनेवियाई देश (नॉर्वे, स्वीडन) और आइसलैंड में आसमान पूरी तरह इस रोशनी से नहाया हुआ नजर आएगा।
-ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया और न्यूजीलैंड के दक्षिणी हिस्सों में भी इसका दक्षिणी रूप (अरोरा ऑस्ट्रेलिस) दिखाई दे सकता है।
कैसे देखें और क्या सावधानियां बरतें?
अगर आप आज रात लद्दाख या किसी ऊंचे पहाड़ी इलाके में मौजूद हैं, तो इस बात का ध्यान रखें:
आधी रात के बाद देखें: रात 12 बजे के बाद उत्तर दिशा (North) की तरफ मुंह करके खड़े हों। इंसानी आंखें अंधेरे में इस हल्की रोशनी को तुरंत नहीं देख पातीं, इसलिए अपने स्मार्टफोन के 'नाइट मोड' (Night Mode) या डीएसएलआर कैमरे के लॉन्ग-एक्सपोजर (Long Exposure) का इस्तेमाल करें। इसके लिए आसमान का पूरी तरह साफ और प्रदूषण रहित होना जरूरी है। लद्दाख में आज रात तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और आसमान साफ रहने का अनुमान है।