भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान: गृह मंत्री अमित शाह

Edited By Updated: 22 Jan, 2026 06:19 PM

solutions to the world s problems are rooted in indian traditions

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्व की समस्याओं का समाधान भारतीय परंपराओं में निहित है। शाह ने यहां अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए कहा,‘‘जो भारत और उसकी संस्कृति को समझता है, वह जानता है...

नेशनल डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्व की समस्याओं का समाधान भारतीय परंपराओं में निहित है। शाह ने यहां अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए कहा,‘‘जो भारत और उसकी संस्कृति को समझता है, वह जानता है कि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय परंपराओं में निहित है।''

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि विशेषकर सप्तर्षि भूमि हरिद्वार में आकर हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। शांतिकुंज के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि भारत उनके उपकारों से कभी ऋणमुक्त नहीं हो सकता क्योंकि उन्होंने गायत्री मंत्र को जन-जन तक सर्वसुलभ बनाया, वैश्विक मानवतावाद की अवधारणा को सुदृढ़ किया और वैज्ञानिक अध्यात्मवाद को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।

गृह मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा का सरल सूत्र “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” राष्ट्र परिवर्तन की कुंजी है और गायत्री महामंत्र केवल संस्कृत का मंत्र नहीं, बल्कि जप करने वाले साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला जीवन मंत्र है। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया।

गृहमंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। शाह ने आचार्य के संदेशों को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है तथा आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है तथा सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुंचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि संस्थान, प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक भी मौजूद रहे । 

 

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