गुजरात में 68 लाख वोटर्स गायब! SIR के बाद फाइनल लिस्ट जारी, MP-राजस्थान में भी लाखों नाम कटे, अब कितने वोटर बचे?

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 09:36 PM

special intensive revision sir

Election Commission of India (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के तहत छह राज्यों और कुछ केंद्रशासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है।

नेशनल डेस्क: Election Commission of India (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के तहत छह राज्यों और कुछ केंद्रशासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। जिन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में संशोधित सूची प्रकाशित हुई है, उनमें Gujarat, Madhya Pradesh, Rajasthan, Chhattisgarh, Kerala, Goa और Andaman and Nicobar Islands शामिल हैं।

कुल 12 राज्यों/UT में चल रही इस प्रक्रिया में अब केवल West Bengal, Uttar Pradesh और Tamil Nadu की अंतिम सूची जारी होना बाकी है, जिसके इस महीने के अंत या अगले महीने तक आने की संभावना है।

किन राज्यों में कितना बदलाव?

SIR के दौरान मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट या अन्य कारणों से अयोग्य पाए गए मतदाताओं के नाम हटाए गए। प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

  • गुजरात: लगभग 68 लाख नाम हटे। मतदाताओं की संख्या में करीब 13% की कमी दर्ज की गई।
  • मध्य प्रदेश: 34 लाख से अधिक नाम सूची से बाहर हुए।
  • राजस्थान: 31 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए।
  • छत्तीसगढ़: करीब 25 लाख नाम कम हुए।
  • केरल: लगभग 9 लाख नाम हटे।
  • गोवा: 1.27 लाख नाम सूची से निकाले गए।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 52 हजार से अधिक नाम हटाए गए।

अन्य केंद्रशासित प्रदेशों में भी संशोधन किए गए।

आयोग के अनुसार, यह संशोधन नियमित और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, वहीं नए योग्य मतदाताओं को भी सूची में जोड़ा गया है।

SIR प्रक्रिया और आगे की योजना

यह विशेष पुनरीक्षण अभियान अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था। दावे और आपत्तियां दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच स्वीकार की गईं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार कराने या हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है। अप्रैल 2026 से देश के शेष 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का अगला चरण शुरू किया जाएगा।

 मतदाता क्या करें?

नागरिक अपनी मतदाता स्थिति ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जांच सकते हैं। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या विवरण में त्रुटि है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। आयोग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!