Edited By Mansa Devi,Updated: 06 Feb, 2026 11:29 AM

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पूर्व में दिए गए उन बयानों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस राज्य में सत्ता में आने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण समाप्त कर देगी। रेड्डी...
नेशनल डेस्क: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पूर्व में दिए गए उन बयानों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस राज्य में सत्ता में आने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण समाप्त कर देगी। रेड्डी ने भाजपा को तेलंगाना में सरकार बनाने की चुनौती दी। बृहस्पतिवार को यहां जमीयत उलेमा तेलंगाना की परामर्श बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी से घृणास्पद भाषण के खिलाफ प्रस्तावित कानून तैयार करने में मदद करने का अनुरोध किया है।
रेड्डी ने बुधवार को महबूबनगर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा एक जनसभा को संबोधित किये जाने का जिक्र किया और पूर्व में शाह द्वारा चार प्रतिशत अल्पसंख्यक आरक्षण को समाप्त करने पर की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ''आपने बुधवार को देखा। दिल्ली से कोई महबूबनगर आया था। आपने देखा कि उन्होंने क्या कहा। अमित शाह ने भाषण दिया था कि अगर तेलंगाना में उनकी सरकार बनती है तो मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण हटा दिया जाएगा। मैं (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी और अमित शाह से पूछ रहा हूं।
अगर आपमें हिम्मत है तो तेलंगाना में सरकार बनाइए।'' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घृणास्पद भाषणों के खिलाफ प्रस्तावित कानून ऐसे बयानों को रोकने और घृणा अपराधों में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए बनाया जा रहा है। तेलंगाना के महबूबनगर में बुधवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए नवीन ने आरोप लगाया था कि रेवंत रेड्डी ''तुष्टीकरण की राजनीति'' के शिखर पर पहुंच गए हैं और उन्होंने तेलुगु भाषा और संस्कृति का भी दमन किया है। शाह ने पहले कहा था कि भाजपा तेलंगाना में अल्पसंख्यक आरक्षण समाप्त कर देगी और इसका लाभ अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों को देगी।