देश की स्थिति बहुत नाजुक है : अशोक गहलोत

Edited By Updated: 07 Oct, 2026 03:07 PM

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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि वे (सत्तारूढ़ लोग) कुछ भी कर सकते हैं।

जयपुरः राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि वे (सत्तारूढ़ लोग) कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति बहुत नाजुक है और सभी देशवासियों को इसकी चिंता होनी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की है। इस बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, प्राथमिकी तो वे दर्ज कराएंगे ही, वे कुछ भी कर सकते हैं। जब वे राहुल (गांधी) और प्रियंका (गांधी) पर एफआईआर करवा सकते हैं और कल हमारे संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ पुलिस ने जो निंदनीय व्यवहार किया, उससे आप सोच सकते हैं कि देश में हो क्या रहा है।

उनके अनुसार, देशवासियों के लिए यह चिंता का विषय होना चाहिए कि क्या इस देश में लोकतंत्र बचेगा या नहीं? उन्होंने कहा देश की स्थिति बहुत नाजुक है। गहलोत ने कहा कि निर्वाचन आयोग के तीनों सदस्य संसदीय सौध (एनेक्सी) में आकर विपक्ष के 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं से बात कर सकते थे। उन्होंने कहा, अगर निर्वाचन आयोग के तीनों सदस्य वहां आकर इंडिया गठबंधन के सांसदों से बात कर लेते, तो 'वोट चोरी' और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर देश में जो विवाद खड़ा हुआ है, उसे स्पष्ट करने का उनके पास एक बड़ा मौका था। लेकिन उन्होंने वह मौका गंवा दिया। उल्टे कल राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया और आज उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने देश के हालात पर चिंता जताते हुए कहा, यह सब उसी दिशा में जा रहा है, जिसका मुझे डर है। क्या चीन, रूस और उत्तर कोरिया की तरह हमारे देश में भी लोकतंत्र खत्म हो जाएगा? ये चिंता पूरे देशवासियों को होनी चाहिए, युवाओं को होनी चाहिए, भविष्य तो उनका है। उन्होंने कहा कि आज देश भर में दर्जनों जगह धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का कोई बयान या 'रिएक्शन' नहीं आ रहा है। उनकी मौजूदगी तो दिखनी चाहिए!

गौरतलब है कि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया। आठ घंटे बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।

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