Edited By Rohini Oberoi,Updated: 16 Jun, 2026 09:06 AM

भोलेनाथ के भक्तों के लिए एक बेहद सुखद और बड़ी खबर है। पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का पहला आधिकारिक जत्था सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंच गया है। यह जत्था भारत और चीन की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक...
Kailash Mansarovar Yatra : भोलेनाथ के भक्तों के लिए एक बेहद सुखद और बड़ी खबर है। पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का पहला आधिकारिक जत्था सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंच गया है। यह जत्था भारत और चीन की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक नाथू ला दर्रे (Nathu La Pass) के रास्ते अपनी आगे की पवित्र और दुर्गम यात्रा तय करेगा।
गंगटोक पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा सभी श्रद्धालुओं का पारंपरिक और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम यहां पहुंचे पहले जत्थे में दो समन्वयक अधिकारी और एक चिकित्सा अधिकारी समेत कुल 44 लोग है। इनमें 32 पुरुष और 12 महिलाएं हैं।
पर्यटन विभाग ने एक बयान में कहा कि सिक्किम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष लुकेंद्र रसाइली और उप महाप्रबंधक अमित कपिल छेत्री ने एक स्थानीय होटल में तीर्थयात्रियों का स्वागत किया।
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तीर्थयात्री यहां चार दिन के अनुकूलन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे ताकि वे ऊंचाई और मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सकें। इसके बाद वे 20 जून को ग्यांत्से नगर के लिए रवाना होंगे जो नाथू ला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख पड़ाव है।