Edited By Mansa Devi,Updated: 12 Feb, 2026 04:42 PM

कांग्रेस ने श्रमिक संगठनों की हड़ताल का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मजदूरों और किसानों के भविष्य को नजरअंदाज किया गया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मजदूरों और किसानों की...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने श्रमिक संगठनों की हड़ताल का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मजदूरों और किसानों के भविष्य को नजरअंदाज किया गया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मजदूरों और किसानों की सुनेंगे या उन पर किसी "ग्रिप" की पकड़ बहुत मज़बूत है? केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच से जुड़े कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने केंद्र सरकार की ''मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को लेकर अपना विरोध'' दिखाने के लिए बृहस्पतिवार को एक दिवसीय हड़ताल की।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आज देश भर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर हैं। मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी। '' उनके मुताबिक, किसानों को आशंका है कि (अमेरिका के साथ किया गया) व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है। उनके (मजदूरों और किसानों के) भविष्य से जुड़े फैसले लेते समय उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ कर दिया गया।''
उन्होंने सवाल किया कि क्या मोदी जी अब सुनेंगे या उन पर किसी "ग्रिप" की पकड़ बहुत मज़बूत है? राहुल गांधी ने कहा, '' मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं ।'' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आज देश के सभी श्रमिक संगठन, किसान और मज़दूर, मोदी सरकार के अमेरिका के साथ व्यापार समझौते, उनके लाए हुए श्रम कानून और मनरेगा छीने जाने को लेकर सड़कों पर हैं। करोड़ों मेहनतकश किसानों, मज़दूरों और श्रमिकों का भविष्य गिरवी रखने वाली जन-विरोधी 'ट्रैप डील' के खिलाफ़ हम डटकर खड़े हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी दबाव में आकर, मोदी सरकार ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ किया है। खरगे ने कहा कि "अबकी बार, ट्रंप सरकार" कहने वालों ने भारत के हित को चोट पहुंचायी है जिसका सबसे बड़ा विरोध हमारे कामगार, छोटे व्यापारी और आम जनमानस कर रहे हैं। उन्होने इस बात पर जोर दिया, ''सड़क से संसद तक, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।''
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''नरेन्द्र मोदी सरकार ने पहले लेबर कोड लाकर मजदूरों के अधिकारों पर हमला किया, फिर अमेरिका के दबाव में किसानों के हितों से समझौता कर लिया। अमेरिकी ट्रेड डील में जिस तरह की शर्तें रखी गई हैं, उससे भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी।''
उन्होंने कहा, ''इसके पहले भी ये सरकार किसानों के खिलाफ कानून ला चुकी है जिसने 750 किसानों की जान ले ली थी। मोदी सरकार जनता के लिए नहीं, बल्कि जनता के खिलाफ काम कर रही है। इनकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी डटकर खड़ी है। हम हमारे मजदूर-किसान भाइयों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।''