Edited By Mehak,Updated: 06 Feb, 2026 03:54 PM

देर रात यानी रात 11 बजे के बाद सोने की आदत शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। इससे लिवर, दिमाग और आंतों पर बुरा असर पड़ता है। लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया रुक जाती है, दिमाग को आराम नहीं मिलता और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बच्चों, टीनेजर्स और...
नेशनल डेस्क : आजकल कई लोग देर रात तक जागकर मोबाइल पर रील्स देखते हैं, खाना खाते हैं और फिर रात 12 या 1 बजे सोने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रात 11 बजे के बाद सोना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है और इससे शरीर के तीन महत्वपूर्ण अंग गंभीर रुप से खोखले हो सकते हैं।
1. लिवर पर असर
रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक लिवर सबसे सक्रिय होता है और यह शरीर से टॉक्सिन निकालता है, खून साफ करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। देर रात सोने से यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे लिवर कमजोर होता है। नतीजतन, चेहरे पर मुंहासे, लगातार थकान और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
2. दिमाग और याद्दाश्त प्रभावित
देर रात सोने से दिमाग को आराम नहीं मिलता। नींद के दौरान दिमाग अपना कचरा साफ करता है और याद्दाश्त मजबूत होती है। 11 बजे के बाद सोने से ब्रेन फॉग, चिड़चिड़ापन, तनाव और याददाश्त कमजोर होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
3. आंतों और पाचन पर असर
देर रात जागने से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है और भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बिगड़ जाते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा, कब्ज, एसिडिटी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सही समय पर सोने के फायदे
रात 10 से 12 बजे के बीच को गोल्डन आवर कहा जाता है। इस दौरान शरीर अपनी मरम्मत करता है और ब्यूटी स्लीप लेता है। विशेषज्ञों के अनुसार:
- बच्चे : रात 8–9 बजे सोना चाहिए
- टीनेजर्स : रात 9–10 बजे सोना चाहिए
- वयस्क : रात 10–10:30 बजे सोना सही है
समय पर सोने से मिलने वाले लाभ
- तनाव में कमी
- दिल की सेहत अच्छी
- नेचुरल डिटॉक्स
- बेहतर पाचन
- दिमाग शांत
- वजन नियंत्रण
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना
- चेहरे पर निखार
- शुगर लेवल नियंत्रित