प्रधानमंत्री करेंगे सीएसपीओसी का उद्घाटन, पूरी तरह ऐप आधारित होगा आयोजन: ओम बिरला

Edited By Updated: 12 Jan, 2026 04:54 PM

the prime minister will inaugurate cspo and the event will be entirely app base

राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) 2026 का आयोजन 14 से 16 जनवरी तक दिल्ली में होगा जिसमें राष्ट्रमंडल देशों की संसद के अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी और प्रतिनिधि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और संसदीय प्रक्रियाओं...

नेशनल डेस्क: राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) 2026 का आयोजन 14 से 16 जनवरी तक दिल्ली में होगा जिसमें राष्ट्रमंडल देशों की संसद के अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी और प्रतिनिधि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और संसदीय प्रक्रियाओं को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहे 28वें सम्मेलन के पहले दिन 14 जनवरी को सीएसपीओसी की कार्यकारी परिषद की बैठक होगी और 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऐतिहासिक संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

उन्होंने संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि इस सम्मेलन में पाकिस्तान की भागीदारी नहीं रहेगी, वहीं बांग्लादेश में संसद भंग होने की वजह से उसकी सहभागिता नहीं होगी। बिरला ने कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है पाकिस्तान इसमें भाग नहीं ले रहा है।'' बिरला ने कहा कि सम्मेलन में इनके अलावा कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत कई राष्ट्रमंडल देशों की भागीदारी रहेगी और 42 देशों ने अपने शामिल होने की पुष्टि कर दी है। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि साइप्रस और युगांडा जैसे कुछ देशों के संसद प्रतिनिधि वहां चुनाव होने या संसद सत्र होने जैसे कारणों से भाग नहीं ले पाएंगे।

उन्होंने बताया कि लोकसभा सचिवालय ने इस आयोजन के लिए एक विशेष ऐप जारी किया है और इसमें मेहमान देशों को आमंत्रित करने से लेकर उनके आने तक समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित हो रही है। पहली बार सीएसपीओसी 2026 में ‘वेब आधारित इवेंट मैनेजमेंट प्रणाली' का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिरला ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में आयोजित होने वाले सीएसपीओसी के सत्रों से दुनियाभर में संदेश जाएगा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में किस तरह सहमति-असहमति के बीच विचारों के साथ विकास यात्रा चलती है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की ओर से निष्पक्षता बनाकर रखना और उसे मजबूत करना, संसदीय लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूपों में इसकी समझ और जानकारी को बढ़ावा देना तथा संसदीय संस्थाओं को विकसित करना है। सम्मेलन में चर्चा के विषयों में संसद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग और नवाचार साझा करने जैसे विषय शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और सांसदों पर इसका प्रभाव, मतदान से परे जनता की संसद को लेकर समझ को बढ़ावा देने वाली नवाचार पूर्ण रणनीतियों और संसद सदस्यों एवं संसदीय कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कुशलता जैसे विषयों पर राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधि दो दिन तक विभिन्न सत्रों में चर्चा करेंगे।

बिरला ने कहा कि सम्मेलन के विशेष पूर्ण सत्र में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाकर रखने में अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका पर मंथन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से कुछ विद्यार्थी भी दर्शक दीर्घा में बैठकर कार्यवाही देखेंगे। इसका सीधा प्रसारण संसद टीवी और ऐप पर किया जाएगा। बिरला ने कहा कि राष्ट्रमंडल की 67 सदस्य संसदों में से इस बार के सम्मेलन में 61 पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं और इस बार सम्मेलन के इतिहास में सबसे ज्यादा भागीदारी होगी। अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इस सम्मेलन में व्यापक विचार विमर्श होने और बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है।'' सम्मेलन के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला सीएसपीओसी की अध्यक्षता ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष को सौंपेंगे। 

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