Edited By rajesh kumar,Updated: 12 Jan, 2022 08:50 PM

जाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर राज्य प्रशासन की आलोचना करते हुए पूर्व सैनिकों के एक संगठन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिख कर यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने का आग्रह किया है कि इस तरह की सुरक्षा चूक और...
नेशनल डेस्क: पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर राज्य प्रशासन की आलोचना करते हुए पूर्व सैनिकों के एक संगठन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिख कर यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने का आग्रह किया है कि इस तरह की सुरक्षा चूक और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के लिए अवश्य सजा मिले। राष्ट्रपति के भारत के सर्वोच्च (सैन्य) कमांडर होने का जिक्र करते हुए पूर्व सैनिकों ने उन्हें लिखे एक पत्र में उपयुक्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि इस तरह की अस्वीकार्य सुरक्षा चूक की पुनरावृत्ति नहीं हो।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने यह पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि यह घटना पंजाब में नागरिक प्रशासन की बुरी स्थिति को प्रदर्शित करती है और प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की क्षमता तथा कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। इसमें पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का जिक्र किया गया है, जिसके चलते उनके काफिले को लौटना पड़ा था।
पूर्व सैनिकों के संगठन ने दावा किया कि राज्य की आधिकारिक यात्रा पर गये प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की अनुपस्थिति भी षड्यंत्र के सिद्धांत को बल प्रदान करती है, जिस बारे में बातें की जा रही है और यह बहुत ही चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता किया गया, जिसका देश के लिए बहुत ही गंभीर परिणाम हो सकता था।