Edited By Mehak,Updated: 01 Feb, 2026 04:42 PM

पुरुषों में किडनी से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। यूरिन में प्रोटीन आना किडनी खराब होने का एक साइलेंट संकेत है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और गलत लाइफस्टाइल इसकी बड़ी वजहें हैं। समय पर साधारण यूरिन जांच और सही...
नेशनल डेस्क : आज के समय में कई पुरुष फिटनेस को लेकर काफी सजग हो गए हैं। जिम जाना, मसल्स बनाना और दिल की सेहत का ध्यान रखना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसी भागदौड़ में एक बेहद जरूरी अंग किडनी की सेहत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है।
किडनी से जुड़ी बीमारियों की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके शुरुआती संकेत बहुत खामोश होते हैं। ऐसा ही एक संकेत है यूरिन में प्रोटीन का आना, जिसे मेडिकल भाषा में प्रोटीन्यूरिया (Proteinuria) कहा जाता है। यह किडनी को हो रहे अंदरूनी नुकसान का शुरुआती इशारा हो सकता है।
किडनी कैसे करती है काम?
किडनी शरीर का नेचुरल फिल्टर है। यह खून से गंदगी, टॉक्सिन और अतिरिक्त पानी को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना और रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करना भी किडनी की अहम जिम्मेदारी है। स्वस्थ किडनी में मौजूद छोटे-छोटे फिल्टर, जिन्हें ग्लोमेरुली कहा जाता है, यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रोटीन जैसे जरूरी तत्व पेशाब के रास्ते बाहर न जाएं।
प्रोटीन्यूरिया क्या है और क्यों खतरनाक है?
जब किडनी के फिल्टर कमजोर या खराब होने लगते हैं, तो प्रोटीन यूरिन में लीक होने लगता है। शुरुआत में इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी वजह से इसे किडनी की साइलेंट बीमारी भी कहा जाता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर पैरों और टखनों में सूजन, थकान, झागदार पेशाब, वजन बढ़ना और रात में बार-बार पेशाब आने जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।
पुरुषों में जोखिम ज्यादा क्यों?
डॉक्टरों के अनुसार पुरुषों में कम उम्र में हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना ज्यादा होती है, जो किडनी खराब होने की बड़ी वजह है। इसके अलावा टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी पुरुषों में अधिक देखा जाता है, जिससे धीरे-धीरे किडनी पर असर पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या पेशाब के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकती है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है। साथ ही धूम्रपान, ज्यादा शराब पीना, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का अधिक सेवन भी किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
प्रोटीन्यूरिया की जांच कैसे होती है?
इस बीमारी की पहचान के लिए किसी जटिल जांच की जरूरत नहीं होती। एक साधारण यूरिन टेस्ट से भी पेशाब में प्रोटीन की मौजूदगी का पता लगाया जा सकता है। अगर रिपोर्ट में प्रोटीन पाया जाता है, तो डॉक्टर आगे स्पॉट यूरिन प्रोटीन-क्रिएटिनिन रेशियो, 24 घंटे की यूरिन जांच और खून के टेस्ट के जरिए किडनी की स्थिति का आकलन करते हैं।
किडनी को स्वस्थ रखने के आसान तरीके
किडनी की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना। नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें। संतुलित आहार अपनाएं, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक, रेड मीट और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाएं। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हल्के प्रोटीन को डाइट में शामिल करें। इसके साथ वजन को नियंत्रित रखें और नियमित व्यायाम करें।
यूरिन में प्रोटीन दिखना भले ही मामूली लगे, लेकिन यह किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते जांच और सही देखभाल से किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।