Edited By Mehak,Updated: 18 Jan, 2026 06:54 PM

फैटी लिवर एक बढ़ती हुई बीमारी है, जो सिर्फ शराब से नहीं बल्कि गलत खानपान से भी होती है। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, इसकी शुरुआती पहचान जीभ के बदलावों से की जा सकती है, जैसे जीभ का मोटा होना या किनारों पर नीली रेखाएं। समय पर पहचान जरूरी है, वरना लिवर...
नेशनल डेस्क : लिवर हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और शरीर से जहरीले तत्व बाहर निकालने का काम करता है। अगर लिवर सही तरह से काम न करे, तो पूरे शरीर पर इसका असर पड़ता है। आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है और यह सिर्फ शराब पीने वालों तक सीमित नहीं है। गलत खानपान, ज्यादा मीठा, तला-भुना और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन करने की वजह से कम उम्र के लोग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, फैटी लिवर की समय को रहते पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसे कंट्रोल किया जा सकता है। खास बात यह है कि शुरुआती संकेत पहचानने के लिए हर बार महंगे टेस्ट की जरूरत नहीं होती। शरीर खुद कई संकेत देता है, जिनमें से एक अहम संकेत जीभ से भी मिल सकता है।
फैटी लिवर क्या होता है?
जब लिवर की कोशिकाओं के आसपास जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है। धीरे-धीरे यह फैट इतना बढ़ सकता है कि लिवर की कार्यक्षमता कम हो जाती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप भी ले सकती है।
जीभ से मिलते हैं शुरुआती संकेत
आयुर्वेद के अनुसार,
- अगर जीभ सामान्य से ज्यादा मोटी दिखाई दे रही है, तो यह लिवर से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है।
- जीभ के किनारों पर नीली या काली रेखाएं दिखें, तो यह लिवर या पित्त से जुड़ी समस्या की ओर इशारा करता है।
- जीभ के किनारों पर कट या निशान दिखाई दें, तो यह किडनी स्टोन या सिस्ट से जुड़ा संकेत भी हो सकता है।
फैटी लिवर के अन्य लक्षण
फैटी लिवर की स्थिति में शरीर में कई बदलाव नजर आ सकते हैं, जैसे -
- पेशाब या मल के रंग में बदलाव
- पैरों या टखनों में सूजन
- पेट के दाईं ओर या पसलियों के नीचे दर्द
- भूख कम लगना या थोड़ा खाने में ही पेट भर जाना
- लगातार थकान महसूस होना
- जीभ में सूजन या भारीपन
फैटी लिवर से बचने के लिए क्या करें
अगर आप फैटी लिवर से बचना चाहते हैं या शुरुआती स्टेज में हैं, तो इन चीजों से दूरी बनाना जरूरी है -
- प्रोसेस्ड और पैकेट वाले स्नैक्स
- ज्यादा मीठी चीजें और पैक्ड फ्रूट जूस
- रिफाइंड तेल का अधिक इस्तेमाल
- बाहर का तला-भुना खाना
- फास्ट फूड और जंक फूड
जांच कराना भी है जरूरी
हालांकि शुरुआती संकेत शरीर से मिल सकते हैं, लेकिन फैटी लिवर की पुष्टि के लिए मेडिकल जांच जरूरी होती है। अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या MIR जैसे टेस्ट से लिवर में फैट की मात्रा और उसका आकार आसानी से पता चल जाता है। समय पर जांच कराने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।