Edited By Radhika,Updated: 21 Jan, 2026 02:19 PM

भारत में दशकों से चली आ रही personal income tax system में इस बार ऐतिहासिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नए पेश होने वाले बजट में शादीशुदा लोगों के लिए 'जॉइंट टैक्सेशन' का ऑप्शन पेश किया जा सकता है। सरकार के इस कदम से...
Budget 2026 Tax Relief: भारत में दशकों से चली आ रही personal income tax system में इस बार ऐतिहासिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नए पेश होने वाले बजट में शादीशुदा लोगों के लिए 'जॉइंट टैक्सेशन' का ऑप्शन पेश किया जा सकता है। सरकार के इस कदम से टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान होगी और साथ ही लाखों परिवारों की बचत में भी इजाफा करेगा।
क्या है 'जॉइंट टैक्सेशन' और कैसे मिलेगा फायदा?
वर्तमान में भारत में टैक्स व्यवस्था 'व्यक्ति' पर आधारित है, जहां पति और पत्नी को अपनी आय पर अलग-अलग ITR फाइल करना होता है। इसमें दिक्कत यह है कि यदि परिवार में केवल एक ही व्यक्ति कमा रहा है, तो दूसरे जीवनसाथी की टैक्स छूट (Exemption Limit) का कोई लाभ नहीं मिल पाता। 'जॉइंट टैक्सेशन' व्यवस्था में पति-पत्नी की आय को एक 'इकाई' (Unit) मानकर टैक्स लगाया जाएगा, जिससे टैक्स स्लैब का बेहतर फायदा उठाया जा सकेगा।

इन परिवारों को होगा सबसे ज्यादा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा फायदा उन मिडिल क्लास परिवारों को मिलेगा जहाँ केवल पति या पत्नी में से कोई एक ही कमाता है। इस सिस्टम के तहत:
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टैक्स फ्री सीमा में बढ़ोतरी: संयुक्त आय होने पर बेसिक छूट की सीमा बढ़ सकती है।
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डिडक्शन का पूरा लाभ: होम लोन के ब्याज और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे निवेशों पर मिलने वाली छूट को पति-पत्नी अपनी साझा आय में बेहतर तरीके से एडजस्ट कर सकेंगे।
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सर्चार्ज से राहत: हाई-इनकम ग्रुप के लिए सर्चार्ज की सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख या उससे अधिक होने की संभावना है, जिससे टैक्स का भारी बोझ कम होगा।

दुनिया के इन देशों में पहले से लागू है नियम
यह कोई नया प्रयोग नहीं है। अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में परिवार को एक आर्थिक इकाई मानकर टैक्स वसूला जाता है। यदि भारत में भी यह वैकल्पिक व्यवस्था लागू होती है, तो यह मध्यवर्गीय परिवारों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा।